BSNL अधिकारी की सड़क हादसे में मौत के 3 साल बाद परिवार को मिला इंसाफ, कोर्ट ने दिलाया 1.41 करोड़ का मुआवजा

Ujjain News: सड़क हादसे में जान गंवाने वाली BSNL अकाउंट ऑफिसर शालिनी शर्मा के परिवार को कोर्ट ने 1.41 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। ब्याज सहित राशि 1.71 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
Ujjain BSNL Officer Compensation
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain BSNL Officer Compensation: उज्जैन में करीब तीन साल पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाली बीएसएनएल की अकाउंट ऑफिसर शालिनी शर्मा के परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने मृतका के परिजनों को 1 करोड़ 41 लाख 66 हजार 376 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। ब्याज सहित कुल मुआवजा करीब 1.71 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

मामला 18 अगस्त 2023 का है। बीएसएनएल उज्जैन में अकाउंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत शालिनी शर्मा ड्यूटी पूरी कर घर लौट रही थीं। इसी दौरान चामुंडा माता चौराहे पर यादव ट्रेवल्स की बस (MP 13 P 5887) ने उनकी दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि शालिनी शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार ने किया था मुआवजे का दावा

हादसे के बाद शालिनी शर्मा के पति अभिषेक शर्मा, जो इंदौर में एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करते हैं, ने अपने दो छोटे बच्चों के साथ दिसंबर 2023 में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे का दावा प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद पंचम अतिरिक्त सदस्य ने फैसला सुनाया।

कोर्ट ने इन्हें ठहराया जिम्मेदार

न्यायाधिकरण ने वाहन स्वामी मूलचंद यादव, बस चालक रईस खान और इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को संयुक्त रूप से मुआवजे की राशि अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि दुर्घटना में शालिनी शर्मा की कोई लापरवाही नहीं थी और हादसा पूरी तरह बस चालक की लापरवाही के कारण हुआ।

आय और पद के आधार पर तय हुई राशि

कोर्ट ने मुआवजे की गणना मृतका के पद, आय और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए की। इसी आधार पर 1.41 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा तय किया गया। इस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मिलेगा, जिससे कुल भुगतान की राशि लगभग 1.71 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस मामले में परिवार की ओर से अधिवक्ता किशोर सिंह भदौरिया ने पैरवी की। परिजनों का कहना है कि शालिनी शर्मा की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का एहसास हुआ है।

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