

Ujjain Demolition Before Simhastha 2028: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर पहुंच मार्ग के बेगमबाग क्षेत्र में एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। शनिवार सुबह करीब 9 बजे उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने 11 इमारतों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। नगर निगम के बुलडोजर और पोकलेन मशीनों की मदद से इन भवनों को जमींदोज किया जा रहा है। खास बात यह रही कि कार्रवाई से पहले भवन मालिकों ने स्वयं अपने मकान खाली कर दिए, जिसके चलते मौके पर किसी तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को नहीं मिला।
बेगमबाग क्षेत्र महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर स्थित है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए इस मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया गया है। पिछले करीब दो वर्षों में 7 चरणों में 88 इमारतों को हटाया जा चुका है। अब 11 और इमारतों पर कार्रवाई की गई। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यहां प्रस्तावित ब्रिज निर्माण का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है।
मामले के अनुसार, वर्ष 1985 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने बेगमबाग क्षेत्र में 48 भूखंड 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए आवंटित किए थे। प्रत्येक भूखंड का आकार लगभग 2400 वर्गफीट बताया गया है। आरोप है कि आवंटित भूखंडों का आवासीय उपयोग करने के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माण के लिए इस्तेमाल किया गया। साथ ही मूल 48 भूखंडों के नियम विरुद्ध विभाजन कर करीब 106 अलग-अलग हिस्सों में निर्माण कर लिया गया।
इन भूखंडों की लीज वर्ष 2014-15 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद लीज नवीनीकरण नहीं होने और नियमों के उल्लंघन को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने संबंधित भूखंड धारकों को नोटिस जारी किए। वर्ष 2023-24 में प्राधिकरण ने लीज समाप्त करने की कार्रवाई की। इसके खिलाफ संबंधित पक्ष न्यायालय पहुंचे और अलग-अलग स्तरों पर कानूनी लड़ाई चली। प्रशासन के अनुसार, संबंधित मामलों में निचली अदालत, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने तथा स्टे खारिज होने के बाद कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, 48 मूल आवासीय भूखंडों पर विभाजन के बाद कुल 106 निर्माण सामने आए थे। इनमें से पूर्व की कार्रवाई और वर्तमान अभियान के दौरान अब तक 99 निर्माण हटाए जा चुके हैं। शेष 7 निर्माणों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाया जाना प्रस्तावित है। शनिवार को चल रही कार्रवाई में भवन मालिकों द्वारा स्वयं मकान खाली किए जाने के कारण प्रशासन को बड़ी मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
उज्जैन शहर का बेगमबाग क्षेत्र संवेदनशील होने के चलते कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई है और लोगों को वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को व्यवस्थित और चौड़ा करना है। अब इस स्थान पर ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने की योजना है।