

Highlights:
मेघालय में 19 करोड़ रुपये का सरकारी सोलर लाइट और पोल लगाने का ठेका दिलाने का आरोप।
कारोबारी और उसके प्रोजेक्ट पार्टनर से तीन बैंक खातों में जमा कराए 78 लाख रुपये।
माधव नगर पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया।
Ujjain 78 Lakh Fraud Case : उज्जैन में सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर 78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन लोगों ने एक कारोबारी और उसके प्रोजेक्ट पार्टनर को मेघालय में 19 करोड़ रुपये का सोलर लाइट और पोल लगाने का सरकारी ठेका दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में तीन बैंक खातों में 78 लाख रुपये जमा करवा लिए। ठेका नहीं मिलने पर शिकायत की गई। जांच के बाद माधव नगर पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, ओरा पार्क कॉलोनी निवासी यतींद्र कुमार मोदी के प्रोजेक्ट पार्टनर राजीव ने 15 अप्रैल को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि इंदिरा नगर निवासी हरपालसिंह उर्फ संजय पुत्र भोजसिंह चौहान उनका परिचित है। हरपालसिंह ने मेघालय में सरकारी सोलर लाइट और पोल लगाने का करीब 19 करोड़ रुपये का ठेका दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने अपने साथी फय्याज पुत्र अप्पा साहब चिकोड़े, निवासी शिवाजी चौक, शिरोले, कोल्हापुर और अपने भतीजे मुस्तफा से मुलाकात करवाई।
उज्जैन में ठगी को लेकर की गई शिकायत के मुताबिक, 6 जून 2024 को हरपालसिंह, यतींद्र और राजीव को लेकर मेघालय गया था। वहां तुरा स्थित डिस्ट्रिक्ट काउंसिल कार्यालय में कुछ लोगों से मुलाकात करवाई गई। इस दौरान ठेके से संबंधित लाइसेंस बनवाने और वर्क ऑर्डर जारी कराने का आश्वासन दिया गया। आरोप है कि दो दिन बाद यतींद्र के ई-मेल पर वर्क ऑर्डर भी आया, जिससे कारोबारी और उसके पार्टनर को ठेका मिलने का भरोसा हो गया।
आरोप है कि सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर हरपालसिंह, फय्याज और मुस्तफा ने अलग-अलग किस्तों में कुल 78 लाख रुपये अपने बैंक खातों में जमा करवाए। कारोबारी और उसके पार्टनर को उम्मीद थी कि रकम देने के बाद उन्हें सोलर लाइट और पोल लगाने का काम मिल जाएगा। हालांकि, आश्वासन के बावजूद ठेका नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की।
शिकायत मिलने के बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच की। इसके बाद मंगलवार को माधव नगर पुलिस ने हरपालसिंह उर्फ संजय चौहान, फय्याज चिकोड़े और मुस्तफा के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, वर्क ऑर्डर और ठेके से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल, मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।