

Mahakal Bhasma Aarti : 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 15 अगस्त 2026 को विश्व प्रसिद्ध भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में देशभक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के आयोजित बाबा महाकाल की विशेष भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाबा महाकाल के मस्तक पर विशेष रूप से तिरंगे के तीन रंगों वाला त्रिपुंड तिलक सजाया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
भस्म आरती की परंपरा के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खुलने के बाद सबसे पहले बाबा महाकाल को जल और पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद बाबा के दिव्य श्रृंगार की प्रक्रिया शुरू हुई।
बाबा महाकाल का केसर, भांग और सूखे मेवों से विशेष श्रृंगार किया गया। इसी दौरान उनके मस्तक पर तिरंगे के तीन रंगों से त्रिपुंड सजाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया गया यह विशेष श्रृंगार देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत नजर आया। बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर दिखाई दिए।
जैसे ही बाबा महाकाल का तिरंगा त्रिपुंड वाला दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के सामने आया, मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने देशभक्ति के नारे भी लगाए। भक्ति और राष्ट्रप्रेम से सराबोर माहौल ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और खास बना दिया। बाबा के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भस्म आरती के दौरान भगवान के विशेष स्वरूप को देखकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया। तिरंगा त्रिपुंड बाबा महाकाल के श्रृंगार का प्रमुख आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य स्वरूप के दर्शन को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया।
महाकाल मंदिर में स्वतंत्रता दिवस पर किया गया यह विशेष श्रृंगार धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी दर्शाता नजर आया। बाबा महाकाल के मस्तक पर सजा तिरंगा त्रिपुंड देश के प्रति सम्मान और गौरव का प्रतीक बना। उज्जैन की पावन नगरी में भक्ति, परंपरा और राष्ट्रप्रेम का यह संगम श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।