

Sagar Cash Recovery : सागर शहर के तिली क्षेत्र में रविवार को पुलिस की कार्रवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब हथियारों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम को एक घर की अलमारी से नोटों से भरे चार बैग मिले। बड़ी मात्रा में नकदी देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। रकम इतनी ज्यादा थी कि नोटों की गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटर मशीन की मदद लेनी पड़ी। कार्रवाई दोपहर बाद शुरू हुई और देर रात करीब 12 बजे तक जारी रही।
दरअसल, गोपालगंज थाना पुलिस को सौरभ अहिरवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ फोटो पोस्ट करने की शिकायत मिली थी। पुलिस को आशंका थी कि उसके घर में अवैध हथियार हो सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम तिली स्थित उसके घर पहुंची और तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस ने लॉक अलमारी को पंचनामा बनाकर खुलवाया।
अलमारी खुलने के बाद पुलिस टीम को चार बैग दिखाई दिए। बैग खोलने पर उनमें बड़ी मात्रा में नकदी मिली। शुरुआती गिनती में एक बैग से करीब 1 करोड़ 33 लाख रुपए मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बाकी तीन बैगों में रखी रकम की भी गिनती की गई। पूरी नकदी की गिनती के बाद रकम करीब 3 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
नकदी की बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस ने आयकर विभाग और राजस्व विभाग को इसकी सूचना दी। एसपी अनुराग सुजानिया, एएसपी नरेंद्र सोलंकी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। कार्रवाई की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि नकदी की गिनती और बरामद रकम की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल नकदी के स्रोत को लेकर है। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि बरामद रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है। परिवार के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले यह रकम यहां रखी गई थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और रकम से जुड़े दस्तावेज व लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार परिवार के रहन-सहन में पिछले कुछ समय में बदलाव की जानकारी भी सामने आई है। सौरभ द्वारा हाल ही में करीब 40 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने की बात भी बताई जा रही है। इसके चलते पुलिस नकदी के स्रोत के साथ-साथ संपत्ति और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। अघोषित धन या हवाला से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
फिलहाल सागर पुलिस ने बरामद नकदी से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। करीब तीन करोड़ रुपए से अधिक की इस रकम का वास्तविक मालिक कौन है और पैसा कहां से आया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। आयकर और राजस्व विभाग की जांच के साथ पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।