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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का बुधवार को दूसरा दिन।
उज्जैन के तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से शुरू होगी पदयात्रा।
यात्रा देवास जिले के सिंदुरिया गांव तक पहुंचेगी, दूसरे दिन करीब 16.5 किलोमीटर चलने का कार्यक्रम।
पिंगलेश्वर जोड़, सायराखेड़ी, देवनखेड़ी, ताजपुर जोड़ और रुदाहेड़ा सहित कई रास्तों से गुजरेगी यात्रा।
Digvijay Singh Yatra Day 2 : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा बुधवार को दूसरे दिन आगे बढ़ेगी। विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से शुरू हुई ये यात्रा अब देवास जिले के सिंदुरिया गांव पहुंचेगी।
दिग्विजय सिंह साधु-संतों और अन्य सहभागियों के साथ पदयात्रा कर सत्य, न्याय, सदाचार और धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता का संदेश देंगे। करीब 930 किलोमीटर लंबी ये यात्रा उज्जैन से ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या तक जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को यात्रा उज्जैन के तराना रोड स्थित श्री साईं कुंज कॉलोनी से शुरू होगी। यहां से पिंगलेश्वर जोड़, नाहरिया जोड़, सायराखेड़ी, देवनखेड़ी, ताजपुर जोड़, गुनाई खालसा, रुदाहेड़ा और राधा स्वामी सत्संग न्यास होते हुए पदयात्रा देवास जिले के सिंदुरिया गांव पहुंचेगी। दूसरे दिन करीब 16.5 किलोमीटर की दूरी तय करने का कार्यक्रम है।
यात्रा के दौरान ताजपुर जोड़ पर दोपहर के भोजन और विश्राम की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इसके बाद पदयात्री आगे बढ़ेंगे और रात में सिंदुरिया गांव में विश्राम करेंगे। यात्रा में साधु-संतों के साथ विभिन्न क्षेत्रों से आए सहभागी भी शामिल हैं।
यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर और हरसिद्धि मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद नृसिंह घाट के पास बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंगों के निर्माण, पूजन और अभिषेक का अनुष्ठान आयोजित हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और साधु-संतों की मौजूदगी में यात्रा का शुभारंभ किया गया।
सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में धार्मिक स्थलों पर दान और चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता, मंदिरों की संपत्तियों और निर्माण कार्यों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा को लेकर जनजागरण शामिल है। आयोजकों के अनुसार, यात्रा को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और स्वामी सदानंद सरस्वती सहित कई संतों का समर्थन और आशीर्वाद मिला है।
आयोजकों ने उज्जैन से अयोध्या तक की करीब 930 किलोमीटर लंबी पदयात्रा लगभग 70 दिनों में पूरी करने का लक्ष्य रखा है। यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों और नगरों में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, किसानों और समाज के अन्य वर्गों से संवाद किया जाएगा।