धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बंटा संत समाज, शैलेश आनंद गिरी ने उठाए सवाल तो रविंद्र पुरी महाराज ने किया बचाव

Shailesh Anand Giri And Ravindra Puri Maharaj Statement: धीरेंद्र शास्त्री के श्रीकृष्ण पर बयान से संत समाज में विवाद बढ़ा। शैलेश आनंद गिरी ने सवाल उठाए, जबकि रविंद्र पुरी महाराज ने उनका बचाव किया।
shailesh anand giri and ravindra puri maharaj
शैलेश आनंद गिरी और रविंद्र पुरी महाराजफोटो सोर्स- नवभारत
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Highlights:

  • धीरेंद्र शास्त्री के श्रीकृष्ण पर बयान से विवाद।

  • संत समाज में बयान को लेकर दो राय।

  • महामंडलेश्वर शैलेश आनंद गिरी ने उठाए सवाल।

  • रविंद्र पुरी महाराज ने किया धीरेंद्र शास्त्री का बचाव।

Dhirendra Krishna Shastri Krishna Statement Controversy : कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए हालिया बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। उनके बयान को लेकर संत समाज में भी अलग-अलग राय सामने आने लगी है। निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शैलेश आनंद गिरी महाराज ने बयान पर आपत्ति जताते हुए धार्मिक समझ और मर्यादा का सवाल उठाया है।

इधर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री का बचाव किया है। संतों की इन विरोधाभासी प्रतिक्रियाओं के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

शैलेश आनंद गिरी ने धार्मिक समझ पर उठाए सवाल

निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर संत शैलेश आनंद गिरी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि दोनों एक ही परम सत्ता के स्वरूप हैं। श्रीमद्भगवद्गीता में भी इस आध्यात्मिक एकरूपता का उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों पर टिप्पणी करने से पहले शास्त्रों और धर्म की सही समझ होना जरूरी है। उनके मुताबिक, इस तरह के बयानों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं।

धार्मिक विषयों को राजनीतिक लाभ से जोड़ने पर आपत्ति

शैलेश आनंद गिरी महाराज ने धार्मिक विषयों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि संतों और कथावाचकों की बातों का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में सार्वजनिक मंचों से धर्म और देवी-देवताओं से जुड़े विषयों पर बोलते समय विशेष सावधानी और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

रविंद्र पुरी महाराज ने किया धीरेंद्र शास्त्री का बचाव

दूसरी ओर, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया है। उन्होंने उन्हें अच्छा और युवा संत बताते हुए कहा कि जानबूझकर किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की उनकी मंशा नहीं रही होगी। कई बार बातचीत के दौरान जुबान फिसल जाती है और बात का गलत अर्थ निकाल लिया जाता है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के साथ अपने पुराने अनुभव भी साझा किए और बताया कि हरिद्वार से मथुरा की यात्रा शुरू करने के दौरान शास्त्री ने उनका समर्थन किया था।

संत समाज में बयान को लेकर दो राय

इस पूरे विवाद में संत समाज की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक पक्ष धार्मिक मर्यादा और शास्त्रों की समझ को जरूरी बताते हुए बयान पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष धीरेंद्र शास्त्री की मंशा पर संदेह नहीं करने और बयान को संदर्भ के साथ समझने की बात कह रहा है। आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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श्रीकृष्ण पर टिप्पणी से बढ़ी धार्मिक बहस

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब संतों की आपसी प्रतिक्रियाओं तक पहुंच गया है। महामंडलेश्वर शैलेश आनंद गिरी की आपत्ति और रविंद्र पुरी महाराज के समर्थन ने बहस को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले में धार्मिक आस्था, संतों की सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों की मर्यादा को लेकर चर्चा जारी है।