

सागर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित बयान पर यादव समाज का प्रदर्शन।
प्रदर्शनकारियों ने शास्त्री का पुतला फूंका और जूते मारे।
भगवान श्रीकृष्ण पर कथित टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप।
यादव समाज ने शास्त्री की कथाओं पर रोक लगाने की मांग की।
Yadav Samaj Protest Against Dhirendra Shastri: मध्य प्रदेश के सागर में कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान के बाद विरोध तेज हो गया है। यादव समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और शास्त्री का पुतला जलाकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुतले को जूते मारे और नारेबाजी भी की।
समाज के लोगों का आरोप है कि भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित टिप्पणी से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथित बयान के बाद सागर में यादव समाज के लोगों में नाराजगी देखने को मिली। समाज के लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं और उनके बारे में इस तरह की कथित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। इसी नाराजगी के चलते समाज के लोगों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान यादव समाज के लोगों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का पुतला तैयार कर उसे आग के हवाले किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुतले को जूते भी मारे। प्रदर्शन स्थल पर लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी नाराजगी कथित बयान को लेकर है और वे चाहते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए।
प्रदर्शन के दौरान यादव समाज के लोगों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथाओं पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कथित बयान को लेकर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक मंचों से दिए जाने वाले बयानों में मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी समाज की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी से बचना जरूरी है।
यादव समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कार्रवाई होने तक उनका विरोध खत्म नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा। फिलहाल सागर में इस प्रदर्शन के बाद मामला चर्चा में है।