सीधी में तहसीलदार पर सुविधा शुल्क लेने और मनमानी के आरोप, कहा- ऊपर तक चले जाओ, मुझसे कोई मतलब नहीं

Ashish Mishra Viral Video: सीधी के रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा पर सुविधा शुल्क, सीमांकन और स्थगन आदेशों में अनियमितता के आरोप लगे हैं। कथित वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है।
Sidhi Tehsildar Controversy
तहसीलदार (फोटो सोर्स- नवभारत)
Published on
Updated on

Sidhi Tehsildar Controversy: सीधी जिले की रामपुर नैकिन तहसील एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। तहसीलदार आशीष मिश्रा पर सीमांकन, स्थगन आदेश और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में सुविधा शुल्क लेकर काम करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। साथ ही उनका एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि, "आप ऊपर तक जाइए, मुझसे कोई मतलब नहीं, मुझे जो नापना था मैंने खड़े-खड़े देखकर नाप लिया।"

खसरा नंबर 175 और 177 से जुड़े भूमि विवाद में फरियादी संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि 20 फरवरी 2026 को जारी स्थगन आदेश में दोनों पक्षों को 18 मार्च तक जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही आदेश निरस्त कर दिया गया। शिकायत के अनुसार बाद में उसी भूमि पर दोबारा स्थगन आदेश जारी किया गया और अब उसे फिर हटाने की तैयारी की जा रही है।

अतिक्रमणकर्ता के साथ बैठे रहे तहसीलदार

फरियादी का आरोप है कि तहसीलदार जब मौके पर सीमांकन के लिए पहुंचे तो निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय कथित अतिक्रमणकर्ता के यहां बैठकर बातचीत करते रहे। उनका कहना है कि जब निष्पक्ष सीमांकन की मांग की गई तो तहसीलदार ने कथित रूप से कहा कि उन्हें किसी की संतुष्टि या असंतुष्टि से कोई फर्क नहीं पड़ता और वे वही करेंगे जो उन्हें उचित लगेगा।

अतिक्रमणकारियों को दिया जा रहा संरक्षण

मामला केवल निजी भूमि विवाद तक सीमित नहीं है। ग्राम पंचायत भरतपुर की सरपंच वसुधा सिंह ने भी आरोप लगाया है कि शासकीय भूमि पर सालों से किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने के बजाय अतिक्रमणकर्ताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना है कि एसडीएम चुरहट द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

जनपद सदस्य ने भी उठाए सवाल

जनपद सदस्य सीमा पाण्डेय ने भी तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले स्थगन आदेश जारी किए जाते हैं, फिर उन्हें निरस्त कर दोबारा जारी किया जाता है और इस पूरी प्रक्रिया में पैसों का खेल चल रहा है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से आम नागरिकों को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है।

तहसील की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

इन आरोपों और वायरल वीडियो के बाद रामपुर नैकिन तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि तहसीलदार आशीष मिश्रा की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सत्यापन के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com