कॉकरोच जनता पार्टी पर सियासी बयानबाजी तेज, खंडेलवाल बोले- ये कोई चिंता का विषय नहीं

Scindia and Khandelwal Reaction on CJP: सोशल मीडिया पर ट्रेंड में बने हुए कॉकरोच जनता पार्टी मूवमेंट पर सिंधिया और खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी है। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ये कोई चिंता का विषय नहीं है।
Cockroach Party Controversy News
हेमंत खंडेलवाल और ज्योतिरादित्य सिंधिया (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Cockroach Janta Party Controversy: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' नामक अभियान को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। Gen Z द्वारा स्थापित इस ऑनलाइन ट्रेंड ने प्रदेश की राजनीति में बहस छेड़ दी है। हालांकि भाजपा के शीर्ष नेता इसे ज्यादा गंभीरता से न लेते हुए संतुलित प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

शिवपुरी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा-अभियान में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब इस अभियान को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर कोई भी बयान देने से साफ इनकार कर दिया।

सिंधिया ने नहीं की कोई टिप्पणी

सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2047 के विकसित भारत लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों के साथ साढ़े 5 घंटे की विस्तृत चर्चा कर जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया है। सिंधिया के बयान से संकेत मिला कि सरकार का फोकस जनता के बीच सक्रिय उपस्थिति और समस्याओं के समाधान पर है। उन्होंने सीधे तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन संतुलित शब्दों में अपनी बात रखी।

ये कोई चिंता का विषय नहीं

वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पूरे मामले को सोशल मीडिया तक सीमित बताया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक बयान के खिलाफ ऑनलाइन उभरा अभियान है और इसे लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। खंडेलवाल के अनुसार, राजनीतिक दल वर्षों की विचारधारा और कार्य के आधार पर मजबूत होते हैं, इसलिए ऐसे ट्रेंड्स का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

राजनीतिक गलियारों तक पहुंचा मुद्दा

फिलहाल कॉकरोच जनता पार्टी मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है, लेकिन भाजपा नेतृत्व इसे अस्थायी और सीमित प्रभाव वाला अभियान मान रहा है। हालांकि, लगातार बढ़ती ऑनलाइन सक्रियता ने इस बहस को और तेज कर दिया है कि क्या ऐसे सोशल मीडिया ट्रेंड्स भविष्य की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं?

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