

Sheopur Public Hearing Devendra Agrawal Death: श्योपुर में जनसुनवाई के दौरान जहर पीने वाले बुजुर्ग देवेंद्र अग्रवाल की मौत के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बुधवार सुबह अग्रवाल समाज समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग देवेंद्र अग्रवाल का शव लेकर जय स्तंभ चौक पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती, तो यह दुखद घटना नहीं होती। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े रहे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना होता है लेकिन देवेंद्र अग्रवाल अपनी परेशानी लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे तो उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का कहना है कि बुजुर्ग लगातार अधिकारियों को बता रहे थे कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया है, फिर भी वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मदद करने के बजाय मामले को नजरअंदाज करते रहे। आरोप यह भी लगाए गए कि स्थिति की गंभीरता समझने के बजाय कुछ लोग फोटो और वीडियो बनाने में व्यस्त रहे, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश और बढ़ गया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने इस घटना के लिए तहसीलदार मनीषा मिश्रा को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग उठाई। जय स्तंभ चौक पर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अधिकारियों की लापरवाही और संवेदनहीन रवैये के कारण यह घटना हुई। मौके पर भारी भीड़ जुटी रही और लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश देखने को मिला।
धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दौलतराम गुप्ता समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में शहरवासी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। घटना के बाद पूरे शहर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।