

Highlights:
श्योपुर में 1,000 से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने चीता मुखी की विशाल ह्यूमन रंगोली बनाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल को वन्यजीव संरक्षण और जनभागीदारी का प्रतीक बताया।
ढेगदा के क्रीड़ा परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ आयोजन।
मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हुआ था।
नवंबर 2025 में मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया था।
MukhI Cheetah Human Rangoli : मध्य प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत श्योपुर में महिला शक्ति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां 1,000 से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने ह्यूमन रंगोली के माध्यम से भारतीय मादा चीता ‘मुखी’ की विशाल प्रतिकृति बनाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रतीक बताया। यह आयोजन प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया।
शुक्रवार को श्योपुर जिले के ढेगदा स्थित क्रीड़ा परिसर में यह आयोजन हुआ। क्रिएटिव श्योपुर के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी महिलाओं के साथ कन्या आदिवासी परिसर की छात्राओं ने भाग लिया। एक हजार से अधिक प्रतिभागियों ने चीते के चेहरे के रंगों से मिलते-जुलते परिधान पहनकर ह्यूमन रंगोली के जरिए मुखी की विशाल प्रतिकृति तैयार की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने पर महिलाओं और छात्राओं द्वारा मुखी की विशाल प्रतिकृति बनाना अद्भुत और प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने इसे सेवा संकल्प अभियान के तहत नारी शक्ति की अनूठी पहल बताते हुए कहा कि यह वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और जनभागीदारी का प्रमाण है। उन्होंने लोगों से प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील भी की।
शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। ह्यूमन रंगोली के जरिए महिलाओं और छात्राओं ने एकजुटता, महिला शक्ति और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। मध्य प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता पुनर्स्थापन परियोजना की शुरुआत की थी। इसके बाद से मध्य प्रदेश में चीतों की मौजूदगी और उनकी बढ़ती संख्या के चलते राज्य को ‘चीता स्टेट’ के रूप में पहचान मिली है। प्रोजेक्ट चीता के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी को रेखांकित करता है।
भारतीय मादा चीता मुखी का जन्म 29 मार्च 2023 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान में हुआ था। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है। दी गई जानकारी के अनुसार, मुखी 70 साल बाद भारत की धरती पर जन्म लेने वाली पहली चीता पीढ़ी की खास पहचान है। नवंबर 2025 में मुखी ने पांच शावकों को जन्म दिया था, जिसे भारत में चीता पुनर्स्थापन परियोजना के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया।