सीहोर में आस्था पर गंदे पानी की मार, सीवेज मिले पानी से भगवान शिव का जलाभिषेक करने को मजबूर श्रद्धालु

Kubereshwar Dham News : सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं ने सीवेज मिले पानी से भगवान शिव का जलाभिषेक कराने का आरोप लगाया। नदी में गंदे पानी और सफाई व्यवस्था पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
Sehore Kubereshwar Dham Dirty Water
नदी में मिल रहा नाले का पानी(फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sehore Kubereshwar Dham Dirty Water : मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध धार्मिक नगर सीहोर इन दिनों श्रद्धालुओं की नाराजगी का कारण बना हुआ है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम और सीवन नदी के तट पर देशभर से हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां की बदहाल व्यवस्था उनकी आस्था को ठेस पहुंचा रही है। आरोप है कि नदी और जल स्रोतों में शहर का सीवेज और नालों का गंदा पानी मिल रहा है, जिसके चलते श्रद्धालुओं को उसी दूषित पानी से भगवान शिव का जलाभिषेक करना पड़ रहा है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि वे सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर श्रद्धा और विश्वास के साथ कुबेरेश्वर धाम पहुंचते हैं, लेकिन यहां पहुंचने पर उन्हें नदी और घाटों की स्थिति देखकर निराशा होती है। उनका आरोप है कि शहर के नालों का गंदा पानी सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे जल प्रदूषित हो गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं के सामने उसी पानी से जलाभिषेक करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी

दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि महादेव को स्वच्छ जल अर्पित करना उनकी आस्था का हिस्सा है, लेकिन मौजूदा हालात में वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने नदी की सफाई और सीवेज के पानी को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

स्थानीय पुजारी के बयान पर भी उठे सवाल

मामले में एक स्थानीय पुजारी का बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि जब उनसे इस व्यवस्था को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जब पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रमों में भी इसी पानी से जलाभिषेक कराया जाता है, तो इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। हालांकि इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस टिप्पणी के बाद श्रद्धालुओं में और नाराजगी देखने को मिल रही है।

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प्रशासन और जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पंडित प्रदीप मिश्रा तथा जिला प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। लोगों का कहना है कि नदी में गिर रहे सीवेज को तत्काल रोका जाए, जल शुद्धिकरण संयंत्र (एसटीपी) को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए और नदी की व्यापक सफाई कराई जाए। उनका मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो यह स्थिति धार्मिक स्थल की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था दोनों को प्रभावित करेगी।

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