सीहोर में किसान कांग्रेस की विशाल पदयात्रा, मूंग खरीदी, ई-टोकन और स्मार्ट मीटर के विरोध में घेरा कलेक्ट्रेट

Sehore News : सीहोर में किसान कांग्रेस ने मूंग की 100% खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने और स्मार्ट मीटर के विरोध में पदयात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया तथा CM के नाम ज्ञापन सौंपा।
Sehore Kisan Congress Protest
किसान कांग्रेस की पदयात्रा (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sehore Kisan Congress Protest: किसानों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर किसान कांग्रेस ने सीहोर में विशाल पदयात्रा निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया। किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगदीश चौहान के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसान शामिल हुए। पदयात्रा जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू होकर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया।

प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने ज्ञापन का वाचन करते हुए आरोप लगाया कि किसानों की मूंग की फसल की सरकारी खरीद सीमित मात्रा में की जा रही है। उन्होंने मांग की कि पूर्व की व्यवस्था की तरह किसानों की 100 प्रतिशत मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को किसानों के लिए परेशानी का कारण बताया। उनका कहना था कि इस जटिल प्रक्रिया के चलते किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे खेती का काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करने की मांग की।

कीटनाशक दवाइयों की जांच कराने की मांग

प्रदर्शन के दौरान जिले में बिक रही कीटनाशक, खरपतवारनाशक और फसल टॉनिक की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि महंगे दामों पर खरीदी गई कई दवाइयों के इस्तेमाल के बावजूद किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने इन उत्पादों की उच्चस्तरीय जांच कराने और सहकारी समितियों के माध्यम से अनावश्यक दवाइयों के वितरण पर रोक लगाने की मांग की।

स्मार्ट मीटर और बिजली व्यवस्था पर सरकार को घेरा

किसान कांग्रेस ने किसानों के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और स्मार्ट मीटरों के कारण बढ़ रहे आर्थिक बोझ को समाप्त करने की भी मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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