लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा

Lokayukta Raid:इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की। जांच में आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति सामने आई है।
Lokayukta Police officials conduct raids at multiple properties linked to MP West Zone Electricity Distribution Company Superintending Engineer Shivram Semil in an alleged disproportionate assets case in Indore.
जाँच करती लोकायुक्त की टीम (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Lokayukta Raids of Superintending Engineer: भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमार कार्रवाई की। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। इंदौर, पीथमपुर, धार के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र और मुरैना स्थित परिसरों पर एक साथ सर्च जारी है।

जांच में करोड़ों की संपत्ति और फैक्ट्रियों का खुलासा

लोकायुक्त के अनुसार प्रारंभिक जांच में शिवराम सेमिल और उनके परिवार के नाम पर कई अचल संपत्तियां और औद्योगिक इकाइयां मिली हैं। सिलिकॉन सिटी स्थित तीन मंजिला आलीशान मकान की अनुमानित कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा पीथमपुर में शुभम इलेक्ट्रिकल नाम से ट्रांसफार्मर निर्माण फैक्ट्री, कर्निश पावरजोन के नाम से फैक्ट्री और कार्यालय, उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स तथा कृष्णा पावर जैसी इकाइयों का संचालन भी सामने आया है। जांच में ओमेक्स सिटी का प्लॉट, महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कार और मुरैना स्थित दो मंजिला मकान सहित कई अन्य संपत्तियां भी मिली हैं।

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आय से 258 प्रतिशत अधिक खर्च, भ्रष्टाचार का केस दर्ज

लोकायुक्त की प्रारंभिक गणना के अनुसार शिवराम सेमिल को पूरे सेवाकाल में करीब 2 करोड़ रुपये का शुद्ध वेतन प्राप्त हुआ, जबकि उनके द्वारा 6.50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों और निवेश पर खर्च किया गया। जीवन-यापन का अनुमानित खर्च जोड़ने पर कुल व्यय 7.16 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया, जो उनकी वैध आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है।

इसी आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। लोकायुक्त की टीम सभी दस्तावेजों, निवेश और संपत्तियों की जांच में जुटी हुई है तथा कार्रवाई अभी जारी है।

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