

Cow Deaths In Sehore Gaushala Ground Report: आष्टा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खजुरिया जावर स्थित 'श्री कन्हैया गौशाला' में अव्यवस्थाओं और लापरवाही का आलम इस कदर बढ़ गया है कि बेजुबान मवेशी तड़प-तड़पकर दम तोड़ने को मजबूर हैं।
गौशाला में न तो मवेशियों के लिए पर्याप्त दाने-भूसे का इंतजाम है और न ही बीमार गायों को समय पर चिकित्सकीय उपचार मिल पा रहा है। स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते यह गौशाला अब संरक्षण केंद्र के बजाय उपेक्षा का केंद्र बनती जा रही है।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा गौशालाओं के संचालन और गौवंश के बेहतर रखरखाव, गुणवत्तापूर्ण भूसा-दाना एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हर महीने लाखों रुपये का बजट जारी किया जाता है। नियमानुसार, किसी भी पशु के बीमार होने पर पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टरों द्वारा तुरंत इलाज की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए। इसके बावजूद ग्राम पंचायत खजुरिया जावर के सरपंच और सचिव की घोर लापरवाही के कारण गौशाला में भुखमरी और बीमारी जैसी स्थिति बनी हुई है।
गौशाला में वर्तमान में गायों के लिए न तो पौष्टिक आहार या दाने की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त सूखा भूसा उपलब्ध है। आहार की कमी से कई गायें कुपोषण का शिकार होकर अत्यंत कमजोर हो चुकी हैं। समय पर इलाज और देखभाल न मिलने के कारण आए दिन गायों की मौत हो रही है, जिससे ग्रामीणों और गौ-सेवकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरपंच और सचिव अपनी नाकामी और लापरवाही को छिपाने में लगे हैं, वहीं संबंधित प्रशासनिक अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। बार-बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद जिम्मेदारों पर कोई सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों ने सीहोर कलेक्टर एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि खजुरिया जावर की 'श्री कन्हैया गौशाला' का तत्काल भौतिक सत्यापन कराया जाए, वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो और दोषी सरपंच, सचिव तथा गौशाला संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि बेजुबान गौवंश की रक्षा की जा सके।