

Sehore Village Road Condition : देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा है, वहीं मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर विधानसभा क्षेत्र से विकास के दावों पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। ग्राम अरोलिया परोलिया में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के जज्बे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली, लेकिन गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण उन्हें कीचड़ और पानी से भरे रास्ते से गुजरना पड़ा। बच्चों के इस वीडियो ने ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तिरंगा यात्रा के दौरान छोटे-छोटे बच्चे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर कीचड़ से भरे रास्ते पर आगे बढ़ते नजर आए। बारिश के कारण रास्ते की स्थिति इतनी खराब थी कि कई जगह बच्चों को पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ा। फिसलन भरे रास्ते पर बच्चों को संभलकर कदम बढ़ाने पड़े। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सामने आया यह दृश्य गांव में सड़क की बदहाल स्थिति को बयां कर रहा है।
बच्चों की तिरंगा यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं और ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा के आवागमन में भी मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर पानी जमा रहता है। ऐसे में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशा
ग्राम अरोलिया परोलिया इछावर विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व लंबे समय से विधायक करण सिंह वर्मा कर रहे हैं, जो वर्तमान में प्रदेश सरकार में मंत्री भी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी गांव में सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है। उनका सवाल है कि जब देश स्वतंत्रता के 80 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है, तब गांव के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर रास्ता कब मिलेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर सामने आया यह वीडियो केवल एक सड़क की बदहाली का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर जमीनी स्थिति पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेगा और सड़क तथा जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।