

Highlights:
खजुरिया घेंघी गांव के किसान ललित ठाकुर भोपाल में सम्मानित।
आठ राज्यों से पहुंचे वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने दिया सम्मान।
अपने खेतों में जैविक तरीके से उगा रहे सब्जियां और अन्य फसलें।
किसानों को वर्मीकम्पोस्ट और जैविक खाद के इस्तेमाल के लिए कर रहे प्रेरित।
Lalit Thakur organic farming award in Bhopal : जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के प्रयासों के लिए सीहोर जिले के खजुरिया घेंघी गांव के प्रगतिशील किसान ललित ठाकुर को भोपाल में सम्मानित किया गया।
एक कार्यक्रम में देश के आठ राज्यों से पहुंचे वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। ललित ठाकुर लंबे समय से अपने खेतों में जैविक पद्धति से खेती करने के साथ दूसरे किसानों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं।
ललित ठाकुर ने अपने खेतों में जैविक तरीके से सब्जियों और अन्य फसलों की खेती की है। उनका प्रयास है कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से बेहतर पैदावार ली जाए। खेती में किए गए उनके प्रयोग आसपास के किसानों के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
ललित ठाकुर केवल खुद जैविक खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। वे किसानों को पारंपरिक और वैज्ञानिक जैविक तकनीकों की जानकारी देते हैं। उनका मानना है कि मिट्टी की सेहत बनाए रखने और खेती को टिकाऊ बनाने के लिए रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना जरूरी है।
ललित ठाकुर किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में केंचुओं की भूमिका के बारे में भी बताते हैं। उनके मुताबिक, केंचुए मिट्टी की संरचना और जल धारण क्षमता बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके लिए वे वर्मीकम्पोस्ट और जैविक खाद के इस्तेमाल को बढ़ावा देते हैं, ताकि खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता प्राकृतिक रूप से बनी रहे।
राजधानी भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में आठ राज्यों से आए वरिष्ठ कृषि अधिकारियों ने ललित ठाकुर के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान जैविक खेती के प्रति उनके प्रयासों और किसानों को जागरूक करने में योगदान के लिए दिया गया। हालांकि, कार्यक्रम के आयोजकों, सम्मान के आधिकारिक नाम और शामिल राज्यों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
ललित ठाकुर का सफर उन किसानों के लिए प्रेरणा है, जो खेती में नए प्रयोग करना चाहते हैं। उनका प्रयास है कि किसान मिट्टी की सेहत को प्राथमिकता देते हुए प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की ओर आगे बढ़ें। जैविक खेती के क्षेत्र में उनके काम को मिला यह सम्मान उनके प्रयासों को नई पहचान देता है।