MP के राजस्व मंत्री के क्षेत्र में बदहाली: उफनती नदी में जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला की अंतिम यात्रा

Ichhawar River Crossing: राजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में व्यवस्था लाचार, कचनारिया गांव में श्मशान घाट के लिए पुल न होने से उफनती नदी के बीच जान जोखिम में डालकर शव ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण।
Elderly woman's funeral procession crosses overflowing river in MP
कचनारिया गांव में जान जोखिम में डालकर शव ले जाने को मजबूर हुए ग्रामीण(सोर्स- सोशल मीडिया)
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​Ichhawar Dangerous Funeral Procession: मध्यप्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह विधानसभा क्षेत्र इछावर के हालात जमीनी हकीकत की पोल खोल रहे हैं। बीते दिनों ग्राम पंचायत मूडला खुर्द के कचनारिया गांव में एक बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए जो सहना पड़ा, वह शासन-प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ाता है।

गांव में श्मशान घाट तक जाने के लिए एक अदद पुल तक नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को उफनती नदी पार कर अपनी जान जोखिम में डालते हुए शव को ले जाना पड़ा।

तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने कंधों पर शव उठाकर की नदी पार

​गांव की एक बुजुर्ग महिला की मृत्यु हो जाने पर अंतिम यात्रा के दौरान कोई रास्ता नहीं बचा था। उफनती नदी के तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने कंधों पर शव उठाकर नदी पार की। इस जानलेवा सफर के दौरान जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, लेकिन मजबूर ग्रामीणों के पास इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

​35 सालों का प्रतिनिधित्व, लेकिन मूलभूत सुविधाएं गायब

​विडंबना यह है कि इछावर क्षेत्र से करण सिंह वर्मा पिछले 35 से अधिक वर्षों से विधायक हैं और वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। इसके बावजूद कचनारिया गाँव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। लंबे समय से श्मशान घाट तक पहुँच मार्ग और पुल के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन नेताओं और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

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चुनावों में बड़े-बड़े वादे, धरातल पर स्थितियां जस की तस

​ग्रामीणों का कहना है कि हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, मगर धरातल पर स्थितियां जस की तस हैं। बारिश के दिनों में यह समस्या और विकराल हो जाती है। जब कोई दुखद घटना होती है, तो गांववालों को अपनी जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है। ​इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट मार्ग पर जल्द से जल्द पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह जान जोखिम में न डालनी पड़े।

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