डिजिटल रिश्वतखोरी! सतना के प्राचार्य ने फोन-पे पर ली घूस; रीवा कमिश्नर ने किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला

Madhya Pradesh News: फोन-पे पर रिश्वत लेने वाले प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला सस्पेंड। शिक्षकों को प्रताड़ित करने और गबन के आरोपों में रीवा कमिश्नर की बड़ी कार्रवाई।
Satna Mlb School Principal Suspended Digital Bribe Harassment Allegations
सतना में फोन-पे पर ली रिश्वत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Satna MLB School Principal Suspended: सतना जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि फोन-पे के जरिए रिश्वत लेने, शिक्षकों को प्रताड़ित करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वत्व भुगतान में अनियमितता जैसे मामलों में शासकीय उत्कृष्ट उच्च माध्यमिक विद्यालय एमएलबी सतना के प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला की भूमिका पाई गई।

सतना कलेक्टर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर रीवा कमिश्नर ने प्राचार्य को निलंबित करने की कार्रवाई की है। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है।

लगातार मिल रही थीं शिकायत

कलेक्टर सतना द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में बताया गया कि प्राचार्य विश्वनाथ प्रसाद शुक्ला के खिलाफ संस्था के शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। आरोप थे कि वे शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और काम के लिए अनुचित दबाव बनाते थे।

जांच में हुआ यह खुलासा

जांच में यह भी पाया गया कि सेवानिवृत्त सहायक शिक्षक विजय शंकर पाण्डेय और श्रीमती करूणा मिश्रा के स्वत्वों का भुगतान जानबूझकर लंबित रखा गया था। इसके बदले में राशि की मांग किए जाने के आरोप भी प्रारंभिक जांच में सही पाए गए हैं।

अतिथि शिक्षक से ली थी रिश्वत

जांच के दौरान एक गंभीर तथ्य सामने आया है कि संस्कृत सोहावल विद्यालय में पदस्थापना के समय श्री शुक्ला ने अतिथि शिक्षक शैलेन्द्र कुमार तिवारी से फोन-पे के माध्यम से 5 हजार रुपये अपने खाते में प्राप्त किए थे। इसके बाद कथित रूप से गलत परीक्षा परिणाम की जानकारी देकर संबंधित अतिथि शिक्षक को कार्य से हटा दिया गया।

एमपी सिविल सेना आचरण नियम का उल्लंघन

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्राचार्य का आचरण म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन करता है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत उनके निलंबन की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि यह मामला अब अन्य लंबित शिकायतों की जांच का भी रास्ता खोल सकता है।

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