

Sagar Manu Soni Arrested: सागर शहर में दहशत का दूसरा नाम बन चुके कटरबाज गैंग के सरगना मनु सोनी की आखिरकार गिरफ्तारी हो गई है। हत्या की साजिश, ड्रग्स तस्करी और लगातार फरारी के बीच पुलिस ने ऐसा शिकंजा कसा कि खुद को बचाने के लिए मनु को 50 फीट ऊंचे ब्रिज से छलांग लगानी पड़ी।
हालांकी कटबाज गैंगे के इस शातिर की फिल्मी अंदाज में भागने की उसकी कोशिश पूरी तरह से नाकाम हो गई। अब आखिर कैसे पुलिस ने इस शातिर अपराधी को घेरा? आईए जानते हैं।
मयंक साहू हत्याकांड के बाद से फरार चल रहा मनु सोनी लगातार पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। सागर पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। इसी दौरान पुलिस ने केवल आरोपी नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू कर दी।
जांच में सामने आया कि मनु और उसके साथी फरारी के दौरान आर्थिक मदद लेकर अपने खर्च चला रहे थे। इसके बाद पुलिस ने गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले करीब 32 लोगों को चिन्हित किया और उन पर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की इस रणनीति ने गैंग की कमर तोड़ दी।
पैसों की कमी के कारण मनु और उसके साथी शहर-शहर भटकने लगे। अमृतसर, दिल्ली, नागपुर, तिरुपति, सूरत, बड़ोदरा, इंदौर और कई शहरों में उन्होंने ठिकाने बदले। जांच में यह भी सामने आया कि खर्च चलाने के लिए आरोपियों ने मोबाइल और बाइक चोरी कीं, वहीं कुछ जगहों पर लूट की घटनाओं को भी अंजाम दिया। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मनु सागर लौट आया है। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह और पुलिस टीम ने लेहदरा नाका क्षेत्र में घेराबंदी कर दी।
खुद को चारों तरफ से घिरा देख मनु ने फिल्मी अंदाज में भागने की कोशिश की और निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज से करीब 50 फीट नीचे छलांग लगा दी। लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया। नीचे गिरते ही उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। पुलिस ने घायल हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद पूछताछ शुरू हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 20 ग्राम एमडी ड्रग्स भी बरामद हुई।
एक महीने तक पुलिस को चुनौती देने वाला मनु आखिरकार पुलिस की रणनीति के सामने हार गया। अब पुलिस उससे जुड़े कई और राज खोलने में जुटी हुई है। सवाल यह है कि क्या इस गिरफ्तारी के बाद शहर में सक्रिय बाकी अपराधी गिरोहों पर भी जल्द कार्रवाई होगी?