सागर में स्कूल बसों पर प्रशासन का शिकंजा, 70 वाहनों की जांच में 28 में मिली खामियां; 35 हजार का जुर्माना

School Bus Safety Measures Checking: सागर पुलिस कमान का बड़ा एक्शन, 3 दिनों में 70 स्कूल बसों की जांच, सीसीटीवी और इमरजेंसी गेट न मिलने पर 28 वाहनों पर ₹35,000 का चालानी जुर्माना।
Traffic police inspected over 70 school vehicles in Sagar during a special safety drive
सागर में स्कूल बसों की चेकिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sagar Traffic Police Safety Drive: सागर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर दौड़ रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है।

तीन दिनों तक चले सघन जांच अभियान में कई स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की गंभीर कमी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित वाहन संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

तीन दिन चला विशेष जांच अभियान

यातायात पुलिस ने शहर में संचालित स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। पिछले तीन दिनों के दौरान विभिन्न स्कूलों के 70 से अधिक वाहनों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहन दस्तावेज, सुरक्षा उपकरण और परिवहन नियमों के पालन की स्थिति का परीक्षण किया। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना और लापरवाह वाहन संचालकों पर कार्रवाई करना था।

कई बसों में नहीं मिले जरूरी सुरक्षा इंतजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि 28 स्कूली वाहनों में सुरक्षा संबंधी गंभीर खामियां थीं। कई बसों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले, जबकि कुछ वाहनों में सीसीटीवी कैमरे और फर्स्ट एड बॉक्स तक उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट गेट जैसी अनिवार्य सुविधाओं का भी अभाव पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आपात स्थिति में ये सुविधाएं बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं।

चालकों की लापरवाही भी आई सामने

अभियान के दौरान कई वाहन चालकों की लापरवाही भी उजागर हुई। कुछ चालक निर्धारित वर्दी और नेम प्लेट के बिना वाहन चलाते पाए गए। परिवहन नियमों के अनुसार स्कूल वाहन चालकों के लिए पहचान पत्र और निर्धारित ड्रेस पहनना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने संबंधित संचालकों पर जुर्माना लगाया और उन्हें तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता- डीएसपी

यातायात डीएसपी मयंक चौहान ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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