MP News: सागर के शासकीय संभागीय बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की हालत चिंताजनक; उठ रहे गंभीर सवाल
Tili Boys Hostel Infrastructure Failure: सागर के पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सैकड़ों छात्रों के लिए महज 1 शौचालय, 3 हॉस्टलों के प्रभार पर हैं अधीक्षक।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
सागर के छात्रावास की चिंताजनक हालत (सोर्स- नवभारत डिजाइन इमेज)
Sagar OBC Post Metric Hostel Controversy: सागर में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित शासकीय संभागीय बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर सरकार छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं देने के दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। जब मीडिया की टीम ने छात्रावास पहुंचकर व्यवस्थाओं की पड़ताल की, जहां कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं।
सागर के तिली क्षेत्र में स्थित शासकीय संभागीय पिछड़ा वर्ग बालक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में चारों ओर अव्यवस्थाओं का आलम देखने को मिला। छात्रावास के मुख्य द्वार से ही गंदगी का सिलसिला शुरू हो जाता है। परिसर में जगह-जगह कचरा फैला हुआ है और विद्यार्थियों के कमरों के बाहर भी साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब नजर आई।
छात्रावास की हालत चिंताजनक
छात्रावास के बाथरूम और शौचालयों की हालत और भी चिंताजनक है। यहां बदबू इतनी अधिक है कि कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है। कई शौचालयों के दरवाजे टूट चुके हैं, जबकि दो शौचालयों पर ताले लटके हुए मिले। हैरानी की बात यह है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस छात्रावास में उपयोग के लिए केवल एक ही शौचालय उपलब्ध है।
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पानी की समस्या बड़ी चुनौती
पानी की समस्या भी यहां गंभीर बनी हुई है। छात्रावास की छत पर रखी गई पानी की एक टंकी क्षतिग्रस्त पड़ी है, जबकि अन्य टंकियों में गंदा पानी भरा हुआ दिखाई दिया। ऐसे में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल और दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी मिल पाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
छात्रावास में पानी की समस्या बड़ी चुनौती
खेल और मनोरंजन की सुविधाओं पर भी सवाल
खेल और मनोरंजन की सुविधाओं की बात करें तो यहां भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। आउटडोर खेल मैदान बदहाल स्थिति में है, जबकि विद्यार्थियों के लिए बनाए गए इंडोर हॉल पर ताला लटका मिला। छात्रों का कहना है कि यह हॉल कभी-कभार ही खोला जाता है, जिससे उन्हें खेल और अन्य गतिविधियों का लाभ नहीं मिल पाता।
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एक अधिकारी पर तीन छात्रावासों का प्रभार
जब सागर जीले की मीडिया ने छात्रावास अधीक्षक मोहित चौबे से संपर्क करने का प्रयास किया तो वे छात्रावास में मौजूद नहीं मिले। मनोरंजन कक्ष खुलवाने की बात पर भी उन्होंने असमर्थता जताई और बताया कि वे मौके पर नहीं हैं। छात्रों के अनुसार अधीक्षक के पास इस छात्रावास के अलावा जैसीनगर और पास स्थित एक अन्य छात्रावास की जिम्मेदारी भी है। यानी एक ही अधिकारी पर तीन छात्रावासों का प्रभार है। ऐसे में व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
