

Sagar NH-44 bad condition: सागर जिले से गुजरने वाला देश का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारिश शुरू होते ही हाईवे की सड़क से डामर उखड़ने लगा और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
हालात यह हैं कि कई गड्ढे करीब 10 फीट तक चौड़े और आधा फीट तक गहरे हैं। बारिश का पानी भरने के बाद इनकी गहराई का अंदाजा लगाना वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो रहा है।
सागर जिले की सीमा में एनएच-44 का करीब 152 किलोमीटर हिस्सा आता है। इनमें सागर से मालथौन की ओर जाने वाला मार्ग सबसे ज्यादा खराब बताया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से रोजाना करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। इनमें कारों के अलावा ट्रक, कंटेनर और मल्टी-एक्सल वाहन भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सामने की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में अचानक ब्रेक लगाने या गड्ढे से बचने के प्रयास में दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।
एनएच-44 के इस हिस्से में करीब दो साल से टोल प्लाजा का संचालन आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड कर रही है। सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी की बताई जा रही है। पूर्व में जनप्रतिनिधियों द्वारा किए गए पत्राचार के अनुसार, यहां हर महीने 6 करोड़ रुपए से अधिक का टोल कलेक्शन होता है। इसके बावजूद सड़क की मौजूदा स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा का बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
एनएच-44 की खराब स्थिति का मामला नया नहीं है। पिछले साल भी सड़क जर्जर होने पर संभागायुक्त और कलेक्टर ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर से पत्राचार किया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी शिकायत भेजी थी। इसके बाद बारिश खत्म होने पर सड़क का डामरीकरण और मरम्मत कार्य कराया गया था। लेकिन एक साल भी पूरा नहीं हुआ और हाईवे दोबारा बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया। इससे सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब एक बार फिर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईवे के जल्द मेंटेनेंस और पैचवर्क कराने की बात कही है। फिलहाल वाहन चालक और स्थानीय लोग सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बारिश के दौरान गड्ढों की स्थिति और खराब होने से किसी बड़े हादसे से पहले हाईवे की मरम्मत बेहद जरूरी है।