

Sagar Poisonous Liquor Case Update : सागर जिले के बंडा क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से हुई जनहानि के बाद प्रदेश सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रविवार को उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों का हाल जाना और इलाज की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सरकार ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान भी किया है।
डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने BMC के ICU और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से भी बातचीत की। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और मरीजों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।
राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि बंडा की घटना में 11 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक मात्रा में जहरीली शराब के सेवन के कारण इन लोगों को बचाया नहीं जा सका। चार मरीज गंभीर हैं, जबकि एक मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया है। वहीं करीब 40 से 45 मरीजों से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और बताया कि वे सभी खतरे से बाहर हैं।
अस्पताल परिसर में वरिष्ठ डॉक्टरों और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के साथ बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने इलाज को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज के उपचार में लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 24 घंटे तैनात रखने और दवाओं व जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को अवैध शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने जहरीली शराब की घटना में मृत लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। प्रत्येक मृतक के परिजन को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्रों में भेजा जा रहा है और BMC सागर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।