सागर कलेक्टर ने नकली बीज का बड़ा खेल ‘बेनकाब’; 500 बोरी खाद और नकली सोयाबीन बीज जब्त
Soybean Fake Seed Racket Sagar: सागर में कृषि माफिया पर प्रहार, कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर 500 बोरी संदिग्ध खाद व भारी मात्रा में नकली बीज जब्त, दो गोदामों पर एफआईआर दर्ज।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: सजल रघुवंशी
सागर कलेक्टर का बड़ा एक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
Sagar Collector Raid Fake Seed Racket Exposed: सागर जिले में खरीफ सीजन शुरू होते ही किसानों के साथ धोखाधड़ी का बड़ा खेल सामने आया है। खेती-किसानी की तैयारियों के बीच नकली खाद और बीज के कारोबारियों ने भी अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया था।
कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर कृषि विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इस काले कारोबार का पर्दाफाश कर दिया। जिले के अलग-अलग इलाकों में हुई कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली खाद और बीज बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान बरामद हुए 500 बोरी संदिग्ध फर्टिलाइजर
कृषि विभाग की पहली बड़ी कार्रवाई कुडारी क्षेत्र में हुई, जहां मुखबिर की सूचना पर एक गोदाम में छापेमारी की गई। जांच के दौरान टीम को मौके से 500 बोरी संदिग्ध फर्टिलाइजर बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि यह बेंटोनाइट ग्रेन्यूल्स था, जिसका उपयोग खाद में किया जाता है। टीम ने पूरे स्टॉक को जब्त कर लिया और जांच के लिए नमूने प्रयोगशाला भेज दिए। मामले में संबंधित कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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जरूआखेड़ा क्षेत्र में की गई दूसरी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई जरूआखेड़ा क्षेत्र में आलोक ट्रेडर्स के गोदाम पर की गई। यहां टीम को बड़ी मात्रा में सोयाबीन बीज की पैकिंग और भंडारण का मामला मिला। जांच में 29 बैग पैक बीज, 116 खाली बोरियां और बड़ी मात्रा में कच्चा माल मिला। चौंकाने वाली बात यह रही कि पैकिंग में इस्तेमाल की जा रही बोरियों पर एक बंद हो चुकी कंपनी का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज था।
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कृषि विभाग ने दोनों मामलों में की एफआईआर दर्ज
प्राथमिक जांच में सामने आया कि नामी ब्रांड के नाम का कथित दुरुपयोग कर किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही थी। कृषि विभाग ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग का कहना है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। क्योंकि किसानों की मेहनत और फसल के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
