

Sagar Collector Action : सागर कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को आयोजित समय सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कामकाज, जन शिकायतों, स्वास्थ्य सेवाओं और भू-अर्जन से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने काम में लापरवाही बरतने और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ पेनल्टी और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों को जन विश्वास शिविर से पहले सभी लंबित शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि बिना उचित कारण शिकायतों को लंबित रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में एमपीईबी, सामाजिक न्याय विभाग और योजना एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई। इन मामलों में अनावश्यक देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतने को कहा गया।
बैठक में भू-अर्जन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बिना उचित कारण मामलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए और एडीएम को इन मामलों की समीक्षा करने को कहा। बंडा तहसीलदार द्वारा भू-अर्जन के मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं करने और उन्हें लंबित रखने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी आदेश तक उनका वेतन रोकने को कहा गया।
बंडा नगरीय निकाय में हुए निर्माण कार्यों, नगरीय प्रशासन विभाग की योजनाओं के संचालन और हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने से जुड़े मामलों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। समिति को 15 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। कलेक्टर ने संबंधित मामलों की जांच समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में लापरवाही को लेकर जिला टीबी अधिकारी डॉ. कुरैशी का आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खुरई और बीना के बीएमओ का वेतन भी ऑन होल्ड रखने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में पदस्थ अकाउंट मैनेजर पर जननी सुरक्षा योजना (JSY) के भुगतान में देरी और लापरवाही को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों से जुड़ी योजनाओं में भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।