

Sagar Police Recover Lost Mobile Phones: किसी के लिए मोबाइल सिर्फ एक फोन नहीं, बल्कि उसकी यादें, जरूरी दस्तावेज और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में जब मोबाइल गुम या चोरी हो जाए तो उसे वापस पाने की उम्मीद कम ही रह जाती है। लेकिन सागर पुलिस ने अपनी तकनीकी जांच और साइबर सेल की मदद से ऐसे ही 112 लोगों की उम्मीद को हकीकत में बदल दिया। पुलिस ने करीब 16 लाख रुपए कीमत के 112 मोबाइल फोन तलाशकर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। मोबाइल वापस मिलने की खुशी लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दी। कई ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने मोबाइल गुम होने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। लेकिन सागर पुलिस के प्रयासों से उनके हाथों में उनका खोया हुआ मोबाइल फिर पहुंच गया।
सागर पुलिस ने साइबर सेल की मदद और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने का अभियान चलाया। तकनीकी जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों से मोबाइलों को ट्रेस किया गया और उन्हें बरामद करने के बाद संबंधित मोबाइल धारकों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम में मोबाइल धारकों को बुलाया गया। यहां पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने खुद अपने हाथों से लोगों को उनके मोबाइल वापस सौंपे। मोबाइल मिलते ही किसी के चेहरे पर खुशी नजर आई तो किसी ने पुलिस का आभार जताया।
पुलिस के मुताबिक, अब तक करीब 16 लाख रुपए कीमत के 112 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। पुलिस की इस पहल से लोगों का पुलिस और साइबर सेल पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।
एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि साइबर सेल की मदद से मोबाइलों को तकनीकी तरीके से ट्रेस किया गया। अभी भी कई गुम और चोरी हुए मोबाइल को ट्रेस करने की कार्रवाई जारी है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द अन्य मोबाइल भी बरामद कर उनके धारकों को लौटाए जाएं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल सीआईआर पोर्टल के जरिए मोबाइल को ब्लॉक कराएं। मोबाइल दोबारा किसी नेटवर्क पर एक्टिवेट होने पर सिस्टम के जरिए अलर्ट मिलने से पुलिस को उसे ट्रेस करने में मदद मिल सकती है। सागर पुलिस की इस पहल ने साबित किया कि तकनीक और तत्परता के जरिए सिर्फ मोबाइल ही नहीं, बल्कि लोगों के चेहरे की मुस्कान और पुलिस पर उनका भरोसा भी वापस लौटाया जा सकता है।