सागर: सड़क हादसे में तीन की मौत, BMC में समय पर नहीं मिला इलाज, पुलिसकर्मी ने संभाला मोर्चा
Road Accident Death: सागर में सड़क हादसे के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) की लापरवाही सामने आई है। घायलों को स्ट्रेचर तक नहीं मिली। ऐसे में एक पुलिसकर्मी ने घायलों की मदद की।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
एंबुलेंस से मरीजों को निकालता पुलिसकर्मी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Sagar BMC Negligence News: सागर जिले में सड़क हादसे के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) की व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गौरझामर के पास केसली तिराहा पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, बरमान से स्नान कर लौट रहे यात्रियों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को एंबुलेंस से उतारने में भी नहीं मिली मदद
घायलों को 108 एंबुलेंस और डायल-112 की मदद से तत्काल बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही लापरवाही की तस्वीर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एंबुलेंस से घायलों को उतारने के लिए अस्पताल में कोई वार्ड बॉय या स्टाफ मौजूद नहीं था। ऐसे में डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मी सोनू जाटव ने मानवता का परिचय देते हुए खुद घायलों को एंबुलेंस से उतारा और स्ट्रेचर की मदद से ओपीडी तक पहुंचाया।
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इलाज के दौरान एक महिला की मौत
इसी दौरान बांदरी थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी सीता (पति रामकिशन) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित इलाज और व्यवस्था मिलती, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर भी तत्काल मरीजों को देखने के लिए सक्रिय नहीं थे। इससे पहले भी अस्पताल में लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके हैं।
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सरकारी दावों की खुली पोल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। एक तरफ सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में इस तरह की अव्यवस्था चिंता बढ़ाने वाली है। फिलहाल मामले की जांच की मांग की जा रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
