जबलपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सफाई कर्मचारी ने किया मरीजों का इलाज, युवा कांग्रेस ने दिया धरना

Jabalpur Youth Congress Protest: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रात में डॉक्टर और कर्मचारी गायब रहते हैं। रात में मरीजों के पहुंचने पर सफाई कर्मचारी ने इलाज किया है। युवा कांग्रेस ने धरना दिया है।
Jabalpur Hospital News
धरना देते युवा कांग्रेसी (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Jabalpur Hospital News: जबलपुर की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। गुरुवार रात दीनदयाल चौक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऐसी लापरवाही देखने को मिली, जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रात के समय अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के गायब रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, देर रात एक गर्भवती महिला और एक अन्य बीमार महिला को उनके परिजन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने जब अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ को तलाशा तो वहां कोई मौजूद नहीं मिला। अस्पताल में सिर्फ सफाई कर्मचारी मौजूद थी, जिसने मरीज का ब्लड प्रेशर चेक किया और वार्ड में भर्ती होने की सलाह दे दी।

धरने पर बैठे युवा कांग्रेसी

इसी दौरान युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। अस्पताल की हालत और स्टाफ की अनुपस्थिति देखकर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि रात के समय अस्पताल पूरी तरह भगवान भरोसे चल रहा था। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा था और जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से गायब थे। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

CMHO ने दिया कार्रवाई का भरोसा

युवा कांग्रेस के प्रदर्शन बढ़ने की सूचना मिलने पर करीब एक घंटे बाद स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. अंशुल शुक्ला मौके पर पहुंचे। इसके कुछ देर बाद सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से चर्चा कर व्यवस्थाएं सुधारने का आश्वासन दिया।

शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल

सीएमएचओ ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और ड्यूटी से गायब पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना आंदोलन समाप्त किया। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर शहर की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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