

Sagar Airport Project Land Survey: सागर के विकास को अब नई उड़ान मिलने की उम्मीद मजबूत होती नजर आ रही है। वर्षों से चली आ रही एयरपोर्ट की मांग अब सिर्फ हवाई सेवा तक सीमित नहीं, बल्कि शहर के भविष्य के विकास और बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी बदलने वाली बड़ी परियोजना के रूप में देखी जा रही है। सरकार की पहल के बाद अब एयरपोर्ट के लिए नई जमीन की तलाश भी शुरू हो गई है।
इसी सिलसिले में गुरुवार को सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल अधिकारियों के साथ संभावित स्थलों के निरीक्षण पर पहुंचीं। कलेक्टर ने एसडीएम के साथ सिरोजा, चितौरा और मोकलपुर क्षेत्र का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध जमीन, नक्शे और खसरा रिकॉर्ड के आधार पर भूमि की स्थिति को समझा।
दरअसल, मौजूदा ढाना एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए जमीन पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। ऐसे में अब शहर के आसपास उपयुक्त और पर्याप्त जमीन की तलाश तेज हो गई है। संभावित स्थलों के निरीक्षण को इसी दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सागर एयरपोर्ट को लेकर उम्मीदें तब और बढ़ीं, जब भोपाल में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सागर विधायक शैलेंद्र जैन की चर्चा हुई। इस दौरान सागर को प्रदेश के उन शहरों में शामिल किए जाने की बात सामने आई, जहां एयरस्ट्रिप को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है। सिंगरौली के बाद सागर में काम शुरू होने की संभावना भी जताई गई है।
अगर सागर में आधुनिक एयरपोर्ट बनता है, तो इसका सीधा असर शहर के विकास पर पड़ सकता है। बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से व्यापार, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है। बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण शहर सागर के लिए एयरपोर्ट सिर्फ हवाई यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि निवेश और विकास के नए दरवाजे खोल सकता है। खजुराहो के बाद क्षेत्र में मजबूत एयर कनेक्टिविटी मिलने से सागर की क्षेत्रीय पहचान भी और मजबूत हो सकती है। फिलहाल जमीन की तलाश और निरीक्षण का दौर जारी है। अब नजर इस बात पर है कि इन संभावित स्थलों में से किस जगह को एयरपोर्ट के लिए उपयुक्त माना जाता है और सागर की हवाई उड़ान का सपना आखिर कब जमीन पर उतरता है।