सागर के नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघिन का रेस्क्यू, भूख और चोट के चलते हो गई थी कमजोर
Nauradehi Tiger Reserve : सागर के नौरादेही टाइगर रिजर्व में घायल और कमजोर बाघिन का रेस्क्यू किया गया। शिकार न कर पाने से भूखी बाघिन को उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया है।
- Reported By: सरजू पटेल | Edited By: प्रीतेश जैन
घायल बाघिन (फोटो सोर्स- नवभारत)
Nauradehi Tigress Rescue: सागर जिले के नौरादेही टाइगर रिजर्व से एक घायल और कमजोर बाघिन का सफल रेस्क्यू किया गया है। वन विभाग के अनुसार 15 से 18 महीने की बाघिन कुछ दिन पहले मुहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक और एक महिला वनरक्षक पर हमले की घटना में शामिल थी। जांच में सामने आया कि बाघिन चोटिल होने के कारण शिकार नहीं कर पा रही थी और कई दिनों से भूखी थी।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार ने बताया कि हाथियों की मदद से लगातार सर्चिंग के दौरान बाघिन को ट्रैक किया गया। निगरानी में उसकी चाल असामान्य दिखाई दी, जिसके बाद मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक को जानकारी दी गई।
बाघिन को ट्रैंकुलाइज किया
मुख्य वन्य प्राणी अभिरक्षक के निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर की टीम को मौके पर बुलाया गया। गुरुवार सुबह हाथियों की मदद से दोबारा सर्चिंग की गई और बाघिन के मिलने पर विशेषज्ञों ने उसे सुरक्षित तरीके से ट्रैंकुलाइज किया।
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घायल और भूखी थी बाघिन
प्राथमिक जांच में बाघिन का पेट लगभग खाली मिला और उसके पिछले पैरों में सूजन पाई गई। वन विभाग का अनुमान है कि शावकों के बीच संघर्ष के दौरान उसे चोट लगी होगी, जिसके कारण वह शिकार नहीं कर पा रही थी। भूख और कमजोरी के चलते उसने वनकर्मियों पर हमला किया था।
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बाघिन की स्थिति पर रखी जा रही नजर
वन विभाग ने बाघिन को विस्तृत परीक्षण और उपचार के लिए सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक, जबलपुर भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले किसान पर हमला करने वाली वयस्क बाघिन अलग है और उसकी तलाश अभी भी जारी है।
