

Umang Singhar VS Nirmala Sapre: मध्यप्रदेश की सियासत में बीना MLA निर्मला सप्रे के बयान ने नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद भाजपा के करीब नजर आ रहीं।
सप्रे ने अब खुलकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर बीना को जिला बना दिया जाए और 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य करा दिए जाएं, तो वे उनके साथ रहने को तैयार हैं।
सागर में मीडिया से बातचीत के दौरान निर्मला सप्रे ने कहा कि उनका मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम फैसला न्यायालय ही करेगा। उन्होंने कहा, “जहां कोर्ट डिसाइड करेगा, मैं वहीं रहूंगी। अभी मैं जनता के काम कर रही हूं। मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री की मदद से बीना में 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य हुए हैं।जब उनसे पूछा गया कि वे किस पार्टी के साथ हैं, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए कहा कि मामला कोर्ट में है और वही स्थिति स्पष्ट करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “जो बीना को जिला बनाएगा, हम उसके साथ हैं।
सप्रे ने कांग्रेस के भीतर ही कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोग नहीं चाहते कि वे सक्रिय विधायक के तौर पर काम करें। उन्होंने इसे “महिलाओं को दबाने की राजनीति” बताया। सप्रे ने कहा कि पिछले 15-20 वर्षों में जो विकास कार्य नहीं हुए, वे अब कराए जा रहे हैं और इसी वजह से विरोध हो रहा है।
वहीं, उनके बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि निर्मला सप्रे के बयान ने पूरी राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी है। उन्होंने कहा ।अगर कोई विधायक खुले मंच से कहे कि 300 करोड़ रुपए और जिला बना दो तो कांग्रेस जॉइन कर लूंगी, तो इससे साफ है कि वे अब कांग्रेस में नहीं हैं। यह पूरी तरह राजनीतिक सौदेबाजी का मामला है।पीसी शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि जनता के जनादेश को सत्ता और सौदों की राजनीति में नहीं बदला जा सकता।
दरअसल, निर्मला सप्रे ने कांग्रेस के टिकट पर बीना विधानसभा सीट से चुनाव जीता था, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंच पर भाजपा का गमछा पहने नजर आई थीं। इसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने को लेकर याचिका दायर की गई, जिस पर फिलहाल सुनवाई जारी है। अब सप्रे के ताजा बयान ने प्रदेश की राजनीति में ‘डील पॉलिटिक्स’ और दल-बदल की चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।