महिला से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज, विशेष सत्र न्यायालय का निर्णय

अकोट में महिला से छेड़छाड़ के आरोपी शुभम लोणे की जमानत याचिका विशेष सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है। अदालत ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।
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Akola News: अकोट तहसील के दहीहांडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक गंभीर प्रकरण में आरोपी शुभम लोणे 31, निवासी रेल, अकोट की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका विशेष सत्र न्यायालय ने 28 अप्रैल 2026 को नामंजूर कर दी.

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.एम. पाटिल की अदालत ने यह निर्णय सुनाया. शिकायतकर्ता महिला 34 ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 17 अप्रैल 2026 की सुबह जब वह घर पर अकेली थी, तभी पड़ोसी शुभम लोणे जबरन घर में घुस आया. उसने महिला को पकड़कर जबरन शारीरिक छेड़छाड़ की, ओठ पर काटा, छाती दबाई और नाखूनों से चोट पहुंचाई.

महिला के चिल्लाने पर आरोपी भाग गया. इसके बाद दोपहर में आरोपी फिर से घर के बाहर आया और धमकी दी कि यदि रिपोर्ट दर्ज की गई तो वह महिला को जान से मार देगा और बच्चों की पढ़ाई भी नहीं होने देगा. सरकारी वकील अजीत देशमुख ने अदालत में कहा कि यह अपराध गंभीर स्वरूप का है और पीड़िता व आरोपी एक ही मोहल्ले में रहते हैं.

यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता और गवाहों पर दबाव डाल सकता है, जिससे उसकी मानसिक स्थिति पर विपरीत असर पड़ेगा और जीवन को खतरा हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी पर निगरानी आवश्यक है. फरार हो सकता आरोपीक्योंकि उसके फरार होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

पुलिस जांच अभी अधूरी है और आरोपी की कस्टडी में गहन पूछताछ जरूरी है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि अपराध अत्यंत गंभीर है. आरोपी को जमानत देने से पीड़िता की सुरक्षा और कानूनव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी को जमानत मिलने पर वह पुनः इसी प्रकार का अपराध कर सकता है. अतः आरोपी शुभम लोणे की गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका न्यायालय ने नामंजूर कर दी.

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