

Bina Refinery Accident Sagar: मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित बीना रिफाइनरी के विस्तार कार्य में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। रिफाइनरी परिसर में कार्यरत केसीसी कंपनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब काम के दौरान एक मजदूर के ऊपर भारी लोहे का गार्टर गिर पड़ा। हादसे में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।
मजदूरों का आरोप है कि घटना की जानकारी कंपनी प्रबंधन को तुरंत दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इतना ही नहीं, घायल मजदूर को अस्पताल पहुंचाने के लिए कंपनी की ओर से एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं कराई गई। बाद में साथी मजदूरों ने मानवता दिखाते हुए निजी वाहन की व्यवस्था की और घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद मजदूरों में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है।
मजदूरों का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें खुद ही सारी व्यवस्था करनी पड़ी। कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई मदद नहीं मिलने पर साथी मजदूरों ने निजी वाहन से घायल ओमनारायण को अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद मजदूरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
बीना रिफाइनरी के विस्तार कार्य के दौरान इससे पहले भी कई बार मजदूरों की समस्याएं सामने आ चुकी हैं। मजदूर वेतन भुगतान में देरी, सुरक्षा उपकरणों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। ताजा हादसे ने एक बार फिर कंपनियों की कार्यप्रणाली और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय मजदूर नेताओं का कहना है कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स में मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय पर एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल घायल मजदूर का इलाज जारी है। वहीं इस घटना के बाद मजदूरों में डर और आक्रोश दोनों का माहौल है।
मजदूरों ने मांग की है कि हादसे की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। बीना रिफाइनरी जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में यदि मजदूरों को समय पर चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा नहीं मिलती, तो यह बेहद गंभीर मामला है। सवाल यह है कि आखिर करोड़ों के प्रोजेक्ट में मजदूरों की जान की कीमत इतनी कम क्यों है? अब देखना होगा कि इस मामले में कंपनी और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।