

Rewa Ration Shop Complaint : रीवा जिले के जनपद पंचायत रीवा क्षेत्र के ग्राम साव में शासकीय उचित मूल्य की दुकान से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें समय पर राशन नहीं मिल रहा है। कई बुजुर्ग महिलाओं और पात्र हितग्राहियों को दो से तीन महीने तक खाद्यान्न के लिए परेशान होना पड़ा। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत अधिकारियों और कलेक्टर कार्यालय में करने का दावा किया है।
ग्रामीणों के मुताबिक साव गांव में नीतू कुशवाहा, पति अशोक कुशवाहा, पिछले करीब तीन वर्षों से शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन कर रही हैं। आरोप है कि पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों का दावा है कि उनके रिकॉर्ड या खाते में खाद्यान्न दर्ज होने के बावजूद उन्हें राशन प्राप्त करने के लिए कई बार दुकान के चक्कर लगाने पड़े।
ग्रामीणों ने उचित मूल्य की दुकान के निर्धारित स्थान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शासकीय राशन दुकान के लिए तय स्थान के बजाय कोटेदार के घर से ही खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में कोटेदार के घर से राशन वितरण का वीडियो बनाए जाने का दावा किया है। ग्रामीणों के मुताबिक यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि राशन वितरण में कथित अनियमितताओं को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है। इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र हितग्राहियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि राशन दुकान के संचालन और खाद्यान्न वितरण में किसी तरह की अनियमितता नहीं है तो संबंधित विभाग जांच कर स्थिति स्पष्ट करे। उनका कहना है कि जांच के दौरान राशन वितरण के रिकॉर्ड, हितग्राहियों को मिले खाद्यान्न और दुकान संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
वहीं, ग्रामीणों के आरोपों पर कोटेदार नीतू कुशवाहा ने अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से राशन दुकान संचालित करने के लिए अलग से स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी वजह से मजबूरी में उनके घर से ही दुकान का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने घर से दुकान संचालित करने के पीछे स्थान उपलब्ध नहीं होने को वजह बताया है।
फिलहाल पूरे मामले में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और कोटेदार की सफाई के बीच खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की जांच अहम होगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि राशन वितरण में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। ग्रामीणों ने वायरल बताए जा रहे वीडियो की भी जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।