विवादों के बीच प्रवीण शुक्ला बने रमसा प्रभारी; 2827वीं वरिष्ठता और वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतों पर जांच शुरू

Praveen Shukla Seniority Dispute: विवादों में घिरे शिक्षक प्रवीण कुमार शुक्ला को बनाया गया रमसा प्रभारी। 2827वीं वरिष्ठता के बावजूद कथित वित्तीय अनियमितता की शिकायतों पर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश।
Financial irregularities complaint against RMSA officer
प्रवीण शुक्ला बने रमसा प्रभारी(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Praveen Shukla appointed RMSA In-Charge: रीवा में स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थापना को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। लंबे समय से विवादों और शिकायतों में घिरे बताए जा रहे प्रवीण कुमार शुक्ला को शासन ने अब रमसा (राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान) का प्रभारी नियुक्त किया है। उनकी नई पदस्थापना के साथ ही पुराने विवाद और शिकायतें एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। मामला अब रीवा कलेक्टर तक पहुंच चुका है, जहां कलेक्टर ने शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

दरअसल, प्रवीण कुमार शुक्ला का मूल पद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निपनिया में उच्च माध्यमिक शिक्षक का बताया जा रहा है। वर्ष 2023 में आयोजित हाई स्कूल प्राचार्य काउंसलिंग में उन्होंने हिस्सा लिया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने अंतर-निकाय स्थानांतरण का लाभ लेते हुए मुंडहा स्कूल में प्राचार्य पद हासिल किया।

वरिष्ठता में 2827वां स्थान, फिर प्राचार्य पद पर कैसे पहुंचे?

शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित वरिष्ठता सूची में प्रवीण शुक्ला का स्थान 2827वां था, जबकि उस समय प्राचार्य पद पर पदोन्नति के लिए करीब 1000 पद निर्धारित किए गए थे। आरोप है कि अंतर-निकाय स्थानांतरण की स्थिति को कथित रूप से छिपाकर उन्होंने प्राचार्य पद प्राप्त किया। इसी पदस्थापना को लेकर पूर्व में भी शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है।

विकलांगता प्रमाण पत्र से लेकर पदोन्नति तक शिकायतें

प्रवीण शुक्ला के खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न शिकायतें सामने आने का दावा किया गया है। इनमें विकलांगता प्रमाण पत्र की जांच, पदोन्नति में कथित अनियमितता और पदस्थापना संबंधी शिकायतें शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

मऊगंज में वित्तीय अनियमितता के भी आरोप

शिकायत का एक हिस्सा मऊगंज जिले में उनके पूर्व पदस्थापना काल से जुड़ा बताया जा रहा है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल को की गई शिकायत में परिवहन मद में करीब पांच लाख रुपये की कथित अनियमितता तथा एमएससी के पीएफएमएस भुगतान से जुड़े मामलों में करीब 50 लाख रुपये के कथित बंदरबांट के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब कलेक्टर के पास पहुंचा मामला

पुरानी शिकायतों और नई पदस्थापना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मामला अब रीवा कलेक्टर तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब सवाल यह है कि जिन शिकायतों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कब पूरी होगी और जांच में यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल, प्रवीण शुक्ला की रमसा प्रभारी के रूप में नई जिम्मेदारी ने स्कूल शिक्षा विभाग की पुरानी शिकायतों और पदस्थापन प्रक्रिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

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