

Ratlam Palsodi Encroachment Clash: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ा विवाद सामने आया। पलसोड़ी क्षेत्र में प्रशासनिक टीम जब अतिक्रमण हटाने पहुंची तो स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया और हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त बल की मदद लेनी पड़ी।
घटना शिवगढ़ के पास की बताई जा रही है, जहां प्रशासन की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। विरोध के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने पुलिस और अधिकारियों की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अपनी सुरक्षा के लिए पीछे हटना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद एमपी पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने पड़े। पथराव के कारण सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न हुई और पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालां कि, जब भीड़ शांत नहीं हुई और विरोध जारी रहा, तब पुलिस ने सख्ती बरतते हुए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी धीरे-धीरे पीछे हटे और हालात पर नियंत्रण पाया गया। इस दौरान झड़प में तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायल जवानों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया।
घटना के बाद पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, उपद्रव और पथराव की घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मौके से 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
हिरासत में लिए गए लोगों में जुलवानिया के सरपंच छोटू मईडा समेत कई अन्य ग्रामीण शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि शांति व्यवस्था भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।