Raja Bhaiya Maihar Controversy: उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और बाहुबली विधायक राजा भैया एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मैहर देवी मंदिर के गर्भगृह में उनके द्वारा की गई शस्त्र पूजा का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इसे नियमों का उल्लंघन और ‘VIP कल्चर’ का शर्मनाक उदाहरण बताया है।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया अक्सर अपने ‘शस्त्र और शास्त्र’ प्रेम के लिए जाने जाते हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित प्रसिद्ध मैहर मां शारदा शक्तिपीठ का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजा भैया 6 फरवरी 2026 को अपने समर्थकों के भारी-भरकम काफिले के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे थे।
आमतौर पर किसी भी धार्मिक स्थल के सबसे पवित्र और संवेदनशील हिस्से यानी ‘गर्भगृह’ में सुरक्षा कारणों से अस्त्र-शस्त्र ले जाना पूरी तरह वर्जित होता है। लेकिन वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि राजा भैया न केवल गर्भगृह के भीतर मौजूद हैं, बल्कि वे वहां बैठकर अपने निजी हथियारों की विधि-विधान से पूजा भी कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मंदिर के पुजारी स्वयं उन्हें यह प्रतिबंधित पूजा संपन्न करवाते नजर आ रहे हैं, जिससे मंदिर प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है।
मैहर का शारदा देवी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां सुरक्षा के कड़े मानक तय किए गए हैं। मंदिर परिसर में प्रशासक और एसडीएम (SDM) द्वारा जारी स्पष्ट आदेश चस्पा किए गए हैं कि परिसर के भीतर हथियार लाना अपराध है। इसके बावजूद, राजा भैया जैसे रसूखदार नेता के लिए इन नियमों को ताक पर रख दिया गया।
इस घटना के बाद आम श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि जहां आम नागरिक को मामूली जांच से गुजरना पड़ता है, वहीं एक ‘बाहुबली’ नेता हथियारों के साथ मंदिर के सबसे भीतरी हिस्से तक कैसे पहुंच गया? क्या सत्ता और बाहुबल के आगे प्रशासनिक नियम बौने साबित हो रहे हैं? यह सवाल सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है।
यह मामला केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सुरक्षा में हुई एक बड़ी चूक का भी है। मंदिर परिसर में तैनात पुलिस बल और निजी सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी के बावजूद, हथियारों का गर्भगृह तक पहुंचना सुरक्षा तंत्र की विफलता दर्शाता है। वीडियो वायरल होने के बाद जब मीडिया ने मैहर शारदा प्रबंधक समिति की प्रशासक और एसडीएम दिव्या पटेल से संपर्क किया, तो उन्होंने शुरुआत में जांच की बात कही, लेकिन बाद में उन्होंने इस संवेदनशील विषय पर पत्रकारों का फोन उठाना ही बंद कर दिया।
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प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच के आदेश दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी आधिकारिक पक्ष ने इस पर खुलकर कुछ नहीं कहा है। यह वीडियो करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है। अब देखना यह है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन पर कोई सख्त कदम उठाती है या वीआईपी कल्चर के आगे नियमों की बलि यूं ही चढ़ती रहेगी।