भोपाल कूच से पहले नर्मदापुरम में किसानों को रोका, 14 नेता हिरासत में, हनुमान चालीसा पढ़कर जताया विरोध

Kisan Morcha Protest : भोपाल कूच से पहले नर्मदापुरम में किसानों को पुलिस ने रोक दिया। 14 किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। सेठानी घाट पर किसानों ने धरना देकर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
Narmadapuram Kisan Andolan
किसानों का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Narmadapuram Kisan Andolan: शत-प्रतिशत मूंग खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर भोपाल कूच कर रहे किसानों को नर्मदापुरम में ही रोक दिया गया। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के 13 किसान संगठनों ने भोपाल तक पैदल मार्च का आह्वान किया था, लेकिन प्रशासन ने इस मार्च को अनुमति नहीं दी। किसानों को शहर की सीमा पर ही रोक दिए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

किसानों के भोपाल कूच को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदापुरम शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई। भोपाल-बुधनी रोड स्थित डोंगरवाड़ा तिराहे पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस. थोटा स्वयं मोर्चा संभाले रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।

हिरासत में 14 किसान नेता, यातायात भी हुआ प्रभावित

पुलिस ने अब तक 14 किसान नेताओं को हिरासत में लिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के कारण भोपाल चौराहे पर यातायात पूरी तरह बंद करना पड़ा। इसका असर आम लोगों पर भी पड़ा और बुधनी जाने वाले यात्रियों को फोरलेन मार्ग से लगभग 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया।

सेठानी घाट पर धरना, हनुमान चालीसा का पाठ

प्रशासन द्वारा रोके जाने से नाराज किसान नेता और कार्यकर्ता सेठानी घाट पहुंच गए, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। किसानों ने मौके पर मौजूद एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट और डीएसपी से नजरबंद किए जाने का कारण पूछा और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर विरोध जताया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। किसानों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

मांगों पर अड़े किसान, सरकार से फैसले की उम्मीद

संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि किसानों की प्रमुख मांगों में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी और खाद वितरण के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू करना शामिल है। किसानों का आरोप है कि सरकार लंबे समय से इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं ले रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल नर्मदापुरम में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

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