MP Waqf Board: वक़्फ़ संशोधन अधिनियम से बदली म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड की तकदीर ,1500 छात्रों को ड्राप आउट से बचाया
Waqf Board property digitization MP: वक़्फ़ बोर्ड को हानि पहुंचाने वाले प्रबंधकों के विरूद्ध 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के नोटिस जारी,वक़्फ़ संपतियों को पोर्टल पर दर्ज कराने मिला स्कॉच अवार्ड
- Written By: सुधीर दंडोतिया
वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम,सोर्स: सोशल मीडिया
Madhya Pradesh Waqf Board Act: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और प्रभावी कार्रवाई की है। वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया और भौतिक सत्यापन के बाद जरुरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया।
वक़्फ़ बोर्ड की आय कैसे बड़े इस पर अन्य राज्यों की वफ्फ समितियां से चर्चा कर, राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा वक़्फ़ संपतियों का लेखा-जोखा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। परिणामस्वरूप म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया।
नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए खुली हैं नई राहें
म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक़्फ़ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने कानून के मंशानुरूप कई समाजिक परिवर्तनकारी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को नई दिशा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप 1552 बेटा-बेटियों को ड्रॉप आउट होने से बचाया गया। वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए समुचित रुप से आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई, नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई राहें खुली है
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वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती प्राप्त हुई। वक़्फ़ माफियाओं, दागदार प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया गया। वक़्फ़ संपत्तियों को दागदार हाथों से मुक्त कर स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। समानांतर वक़्फ़ बोर्ड चलाकर वक़्फ़ संपत्तियों को हानि पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए और वसूली की कार्यवाही भी की गई।
अब सभी वक़्फ़ संपत्तियां दर्ज है ऑनलाइन
केन्द्र सरकार द्वारा नये संशोधन कानून से वक़्फ़ संपतियों पर बैठे कब्जाधारियों को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। सभी संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज है, इस कारण कहीं कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता, इस बात की दहशत भी वक़्फ़ माफियाओं में देखने को मिली है। वक़्फ़ संपतियों के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।
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म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ पौधरोपण का निर्णय
म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि वक़्फ़ बोर्ड की निगरानी में पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के हर वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौध-रोपण के बाद उनकी सही देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
