'दो घूंट नशे के मारो, रस्ते भूला दो घर बार के', MP टूरिज्म की रील ने कराई भाजपा सरकार की फजीहत

Madhya Pradesh सरकार टूरिज्म विभाग के एक विज्ञापन ने सरकार की किरकिरी करावा दी। MP Tourism की ओर से स्काई डाइविंग के विज्ञापन की एक रील बनाई गई। जिसके बैकग्राउंड में लगा गाना विवाद की वजह बना।
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MP टूरिज्म की रील ने कराई सरकार की फजीहत (फोटो- सोशल मीडिया)
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MP Tourism viral reel controversy: मध्य प्रदेश, जिसे देश का दिल कहा जाता है, अक्सर अपनी अनोखी चीजों के लिए मशहूर हो ही जाता है। लेकिन इस बार वजह पर्यटन नहीं, बल्कि पर्यटन विभाग की एक गलती है। मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग ने अनजाने में एक ऐसा कारनामा कर दिया जिसने सरकार की ही फजीहत करा दी। सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट की गई जिसमें रोमांचक स्काई डाइविंग दिखाई गई थी, लेकिन असली बवाल उसके बैकग्राउंड म्यूजिक पर मच गया। वीडियो में 'दो घूंट नशे के मारो' गाना बज रहा था, जिसने इंटरनेट पर तूफान खड़ा कर दिया है।

यह वीडियो धार्मिक नगरी उज्जैन और वहां की स्काई डाइविंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। मगर, एमपी टूरिज्म के अधिकारियों से शायद एडिटिंग के वक्त एक बड़ी चूक हो गई। उन्होंने खूबसूरत दृश्यों के साथ 'सूरज डूबा है यारों, दो घूंट नशे के मारो, रस्ते भुला दो सारे घरबार के' जैसे बोल वाला गाना जोड़ दिया। जैसे ही यह वीडियो आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर आया, लोगों ने तुरंत इसे नोटिस कर लिया। नशाबंदी की बात करने वाली सरकार के हैंडल से नशे का खुला प्रचार देखकर लोग हैरान रह गए।

रस्ते भुला दो सारे संसार के

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तुरंत इस वीडियो की आलोचना शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि एक तरफ तो सरकार के तमाम नेता नशा मुक्ति अभियान चलाने और धीरे-धीरे नशाबंदी की तरफ कदम बढ़ाने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं दूसरी तरफ उनका अपना पर्यटन विभाग खुलेआम 'दो घूंट नशे के' मारने की सलाह दे रहा है। यह विरोधाभास लोगों के गले नहीं उतरा। लोग चुटकी लेते हुए कहने लगे कि वाकई अपना एमपी अजब है, सबसे गजब है। विज्ञापन में बज रहे 'गम तुम भुला दो सारे संसार के' जैसे बोल धार्मिक नगरी की छवि के बिल्कुल विपरीत थे।

किरकिरी के बाद सुधारी गलती

आखिरकार, भारी फजीहत और चौतरफा विरोध को देखते हुए विभाग तुरंत बैकफुट पर आ गया। उस विवादित रील के बैकग्राउंड से गाना हटा लिया गया और उसकी जगह साधारण संगीत लगाकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई। शायद अधिकारियों ने पोस्ट करने से पहले 'अता पता रहे ना किसी का, यही कहे ये पल जिन्दगी का' वाली लाइनों को तो सुना, लेकिन नशे वाली लाइन को नजरअंदाज कर दिया। एमपी टूरिज्म के अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण यह स्थिति बनी, जिससे सोशल मीडिया पर सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी।

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