Madhya Pradesh Top 10 News: सागर में 14 से ज्यादा मौतें! 5 अधिकारियों पर गिरी गाज, छतरपुर में नवजात-मां की मौत

MP Top 10 News 6 September : सागर में जहरीली शराब से 14 से ज्यादा मौतें, सरकार ने 5 अधिकारियों को किया निलंबित, छतरपुर में खून नहीं मिलने से मां और नवजात की मौत, पढ़ें ऐसी ही 10 बड़ी खबरें
Madhya Pradesh ki 10 badi khabrein
Madhya Pradesh Top 10 News Navbharat Live(इमेज सोर्स- एआई जनरेटेड)

Madhya Pradesh Top 10 News Navbharat Live: मध्य प्रदेश में रविवार को कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। इनमें सबसे बड़ी घटना सागर से सामने आई, जहां जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। मामले में सरकार ने एक्शन लेते हुए 5 आबकारी और पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इधर विपक्ष ने घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। छतरपुर में खून नहीं मिलने से जिला अस्पताल में महिला और नवजात की मौत हो गई। राजगढ़ की अजनार नदी को बिट्टू तबाही द्वारा अकेले साफ करने के दावे को लेकर विवाद खड़ा गया है।

1. सागर: जहरीली शराब का कहर! 14 से ज्यादा लोगों की मौत, 25 अस्पताल में भर्ती

Officials Inspect Affected Villages
मौके पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी फोटो सोर्स- नवभारत

सागर जिले के बंडा इलाके में पिछले दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 14 से ज्यादा लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि इन मौतों के पीछे जहरीली या अवैध शराब को संभावित कारण बताया जा रहा है। घटना के बाद बंडा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है। वहीं, 25 से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं, जिनमें आधा दर्जन से अधिक मरीजों की हालत गंभीर है। शराब सेवन के बाद कई लोगों में उल्टी, दस्त, सिरदर्द, बुखार समेत अन्य लक्षण सामने आने की बात कही जा रही है। मौतों और बीमार लोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा दी है।

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2. सागर शराबकांड पर CM मोहन यादव का सख्त रुख, बोले- कठोर कार्रवाई करेंगे, देवड़ा ने कहा- कोई बख्शा नहीं जाएगा

CM Mohan Yadav Statement
सागर शराबकांड पर सीएम मोहन यादव का बयानफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने की आशंका के बीच 14 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। वहीं 25 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को सरकार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।

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3. सागर शराबकांड पर जीतू पटवारी का CM मोहन यादव को पत्र, पूछा- पहली चेतावनी के बाद व्यवस्था क्यों नहीं बदली?

Jitu Patwari Writes to Chief Minister Mohan Yadav
जीतू पटवारी ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्रफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

सागर जिले के बंडा क्षेत्र में नकली या अवैध शराब से 10 से ज्यादा मौतों के मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पटवारी ने मई में शाहपुर में हुई दो युवकों की मौत का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने उस समय भी सरकार को अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर चेताया था। उन्होंने सवाल किया कि चेतावनी के बाद पूरे जिले में अवैध शराब के कारोबार पर क्या कार्रवाई हुई और निगरानी क्यों नहीं बढ़ाई गई। पटवारी ने कहा कि अब जांच सिर्फ औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे अवैध शराब नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना होगा। उन्होंने शराब कहां बनी, कहां से आई और किसके जरिए वितरित हुई, इसकी जांच के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने की मांग की।

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4. सागर शराबकांड पर सरकार का बड़ा एक्शन, 5 अधिकारी निलंबित, 10 से ज्यादा मौतों के बाद कार्रवाई

Excise department officials suspended
सागर शराबकांड में सरकार की कार्रवाईफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

सागर जिले की बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन में नकली शराब से 10 से ज्यादा लोगों की मौत के मामले में शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस और आबकारी विभाग के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में सहायक आयुक्त आबकारी सागर कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, आबकारी उप निरीक्षक बंडा प्रोशनी उरेती, गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी शामिल हैं। वहीं, आबकारी उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर निगरानी और जिम्मेदारी तय करने के लिए शासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

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5. छतरपुर जिला अस्पताल में पहले नवजात की मौत, फिर मां ने तोड़ा दम, परिजन बोले- खून के लिए भटके पर नहीं मिली मदद

Tribal Mother and her Newborn Died
नवजात और मां की मौतफोटो सोर्स- नवभारत

छतरपुर जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान आदिवासी महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। मामला सिंगरोन गांव की रहने वाली संध्या आदिवासी का है, जिसे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन पहले बमीठा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। महिला की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, महिला के शरीर में खून की कमी थी और जिला अस्पताल पहुंचने के बाद वे ब्लड की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास करते रहे। उनका आरोप है कि समय पर ब्लड उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव के दौरान पहले नवजात की मौत हुई और इसके बाद महिला ने भी दम तोड़ दिया।

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6. अजनार नदी की सफाई पर मिली तारीफ, बिट्टू तबाही के अकेले सफाई के दावे पर विवाद, समिति ने कहा- सबने मिलकर की सफाई

Ajnaar River Cleaning Bittu Tabahi
अजनार नदी साफ करते लोग और बिट्टू तबाहीफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

राजगढ़ के ब्यावरा की अजनार नदी की सफाई को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए दावे पर विवाद शुरू हो गया है। ‘बिट्टू तबाही’ नाम से सक्रिय शैलेंद्र सिंह ने नदी को अकेले साफ करने का दावा किया था। वीडियो वायरल होने के बाद आनंद महिंद्रा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनकी सराहना की। अब अजनार बचाओ समिति, स्थानीय नागरिकों और नगर पालिका ने दावे पर आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि वर्ष 2016 से सामाजिक संगठनों और नगर पालिका के सहयोग से नदी की सफाई के सामूहिक अभियान चल रहे हैं।

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7. ग्वालियर में चलती स्लीपर कोच बस में लगी भीषण आग, 30 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान, भाग निकले ड्राइवर और क्लीनर

Gwalior Sleeper Coach Bus Catches Fire
बस में लगी आगफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

ग्वालियर में चलती स्लीपर कोच बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस ग्वालियर से भोपाल जा रही थी और उसमें करीब 30 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। विवेकानंद तिराहे के पास धुआं और आग की लपटें उठने पर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने कूदकर जान बचाई। हादसे में किसी यात्री की मौत नहीं हुई, लेकिन सामान जलकर खाक हो गया। बताया गया कि रवाना होने से पहले बस में तकनीकी खराबी आई थी, जिसे इंजन का बोनट खोलकर ठीक करने का प्रयास किया गया था। आग लगने के बाद ड्राइवर और क्लीनर पर बिना यात्रियों को सूचना दिए बस से कूदकर भागने का आरोप है।

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8. सिंहस्थ चौड़ीकरण: 4 कोशिशों में टस से मस नहीं हुई 160 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा, अब आर्कोलॉजिस्ट करेंगे जांच

160 Year Old Khade Hanuman Temple in Ujjain
खड़े हनुमान मंदिरफोटो सोर्स- नवभारत

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ को देखते हुए आंतरिक मार्गों के चौड़ीकरण का काम जारी है। इसी के तहत नगर निगम कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क का विस्तार कर रहा है। चौड़ीकरण की जद में आए करीब 160 वर्ष पुराने खड़े हनुमान मंदिर को हटाना निगम और प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। गुरुवार को निगम की टीम ने मंदिर के कुछ हिस्से को ध्वस्त कर दिया और हनुमान प्रतिमा को फिलहाल टेंट के नीचे विराजित किया गया है। प्रतिमा को टंकी चौक पर स्थापित करने की योजना है, लेकिन मूल स्थान से हटाने की कोशिश सफल नहीं हो पाई।

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9. दतिया में लगातार बारिश से बिगड़े हालात: डैम से छोड़े गए पानी से उफान पर नदी-नाले, कई गांवों का संपर्क टूटा

Flood Water Flows Over Roads and Bridges in Datia
दतिया में बारिश और डैम से छोड़े पानी का असरफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

दतिया जिले में लगातार बारिश और डैमों से छोड़े गए पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है और कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। भांडेर क्षेत्र में मोठ होते हुए कानपुर और लखनऊ जाने वाले मार्ग पर बने पुल पर पानी आने से रास्ता बंद हो गया है। वहीं सेवढ़ा क्षेत्र में छोटे पुल के ऊपर पानी बहने से भिंड और लहार से संपर्क प्रभावित हुआ है। पानी का बहाव बढ़ने के कारण इन रास्तों से गुजरना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है।

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10. शिवपुरी के धंधेरा गांव में जलमग्न पुलिया बनी मुसीबत, बीमार बुजुर्ग को खटिया पर कंधों के सहारे पहुंचाया अस्पताल

Villagers Carry a Sick Elderly Man on a Cot Across a Flooded Culvert
बुजुर्ग को खाट पर ले जाते ग्रामीणफोटो सोर्स- सोशल मीडिया

शिवपुरी के धंधेरा गांव में लगातार बारिश के बाद पुलिया जलमग्न हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। इसी दौरान एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी, लेकिन पानी अधिक होने से वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने बुजुर्ग को खटिया पर लिटाया और कंधों के सहारे पानी से भरे रास्ते को पार कराया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ग्रामीण बुजुर्ग को खटिया पर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। बारिश के दौरान गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की यह समस्या सामने आई है।

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