MP कैबिनेट में मध्य प्रदेश के विकास के लिए खुला पिटारा, क्षिप्रा नदी पर बनेंगे 28 घाट, जानिए और किन चीजों को मिली स्वीकृति
मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीयन नियम, 2024 के क्रियान्वयन को भी मंजूरी दी। ये नियम भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय के प्रारूप नियमों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। कहा गया है कि इसके तहत मध्य प्रदेश...
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
मुख्यमंत्री मोहन यादव (सौजन्य-पिनटरेस्ट)
भोपाल : गुरुवार (20 दिसंबर) को राज्य की राजधानी भोपाल में मंत्रालय में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारी के लिए क्षिप्रा नदी तट पर 29.2 किलोमीटर लंबे घाट के निर्माण के लिए 778.92 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति सहित विभिन्न निर्णयों को मंजूरी दी गई।
सिंहस्थ मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में हर 12 साल में आयोजित होने वाला एक हिंदू धार्मिक उत्सव है। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद ने मध्य प्रदेश को दो प्रमुख नदी जोड़ो परियोजनाओं – केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना – की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने क्या कहा?
बैठक के बाद नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया प्रतिनिधियों से कहा, “आजादी के बाद ये सबसे बड़ी सिंचाई परियोजनाएं हैं, जिनसे किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही, हमने अधिकारियों को आने वाले वर्षों में राज्य को 100 प्रतिशत सिंचित बनाने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रिमंडल ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य भर की सभी पंचायतों में अटल ग्रामीण सेवा सदन स्थापित करने का भी निर्णय लिया। इससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा।”
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29.215 किलोमीटर में घाटों के निर्माण के लिए 778.91 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार बैठक के दौरान परिषद ने सिंहस्थ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्षिप्रा नदी के तट पर शनि मंदिर से नागदा बाईपास तक 29.215 किलोमीटर में घाटों के निर्माण के लिए 778.91 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की।
मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीयन नियम, 2024 के क्रियान्वयन को भी मंजूरी दी। ये नियम भारत सरकार के महापंजीयक कार्यालय के प्रारूप नियमों के अनुरूप तैयार किए गए हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके तहत मध्य प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीयन नियम, 1999 की कई धाराओं में संशोधन किया गया है।
11 केवी फीडरों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत करने को भी मंजूरी
इसके अतिरिक्त परिषद ने किसानों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में स्थापित 11 केवी फीडरों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत करने को भी मंजूरी दी। इस पहल से 33/11 किलोवाट बिजली वितरण उपकेंद्रों पर स्थापित ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग, लो वोल्टेज और बिजली कटौती में कमी आएगी। इससे बिजली उपकेंद्रों के उन्नयन से जुड़ी लागत में भी बचत होगी।
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संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना के अंतर्गत 472,970 हेक्टेयर जलग्रहण क्षेत्र को कवर करने वाली 28,798.02 करोड़ रुपये की परियोजना समूह लागत के लिए मंत्रि-परिषद ने प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृत परियोजनाओं से मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र के 10 जिलों में 4.73 लाख हेक्टेयर नवीन सिंचित भूमि उपलब्ध होगी।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए क्या?
इसके अलावा, मंत्रि-परिषद ने राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ऊर्जा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आयुष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास, पशुपालन एवं डेयरी, पर्यटन और जनजातीय कार्य सहित विभिन्न विभागों के अंतर्गत चिन्हित योजनाओं को पूर्ण करने के लिए धरती आबा-जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) योजना शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी।
