

Morena Woman Death After Delivery : मुरैना में प्रसव के करीब 25 दिन बाद 28 वर्षीय प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर राठी अस्पताल पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर पर प्रसव के दौरान ऑपरेशन में नस काटने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। करीब चार घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने सिविल लाइन थाने में मर्ग दर्ज किया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गलेथा गांव के रहने वाले रवि परमार न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। उन्होंने 9 अगस्त को अपनी 28 वर्षीय पत्नी सोनम को प्रसव के लिए राठी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां ऑपरेशन से प्रसव कराया गया और सोनम ने बेटे को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक प्रसव के बाद से ही उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।
परिजनों के अनुसार, सोनम की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर रितु राठी ने उसे ग्वालियर रेफर किया। परिवार ने करीब 25 दिन तक ग्वालियर जिले में उसका इलाज कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर सोनम को आगरा ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण शव लेकर राठी अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। अस्पताल परिसर में करीब चार घंटे से ज्यादा समय तक हंगामा चलता रहा। परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
मृतका के देवर राजकुमार परमार ने आरोप लगाया कि 9 अगस्त को हुए ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से सोनम की कोई नस कट गई थी। उनका कहना है कि परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी गई और सोनम को हार्ट की समस्या बताकर ग्वालियर रेफर किया गया। परिजनों का दावा है कि बाद में इलाज के दौरान उन्हें नस कटने और अंदरूनी रक्तस्राव की जानकारी मिली। इसके बाद सोनम को आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि इलाज में करीब नौ लाख रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके थे।
राजकुमार परमार ने आरोप लगाया कि शव लेकर राठी अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार को मामला खत्म करने के लिए पांच लाख रुपए देने का प्रलोभन दिया गया। हालांकि, परिजनों ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग का प्रकरण दर्ज किया और शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस के मुताबिक फिलहाल मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के देवर राजकुमार परमार ने कहा कि परिवार को अगर रेफर करते समय नस कटने की जानकारी दी जाती तो समय रहते उसका इलाज कराया जा सकता था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या थी।