

Gwalior Mayor Controversy : ग्वालियर में कांग्रेस महापौर के खिलाफ भाजपा जिला कार्यसमिति के निंदा प्रस्ताव के बाद सियासी टकराव बढ़ गया है। भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह की ओर से महापौर और नगर निगम परिषद पर विकास कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मांगी गई राशि का ब्योरा सामने रखने की मांग की।
भाजपा की जिला कार्यसमिति की बैठक में कांग्रेस महापौर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया था। इसके साथ ही सांसद भारत सिंह कुशवाह ने आरोप लगाया था कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से ग्वालियर के विकास के लिए उपलब्ध कराई जा रही राशि से होने वाले कामों में महापौर और नगर निगम परिषद की ओर से अड़चनें डाली जा रही हैं। कांग्रेस ने इन्हीं आरोपों को लेकर प्रेस वार्ता कर भाजपा पर जवाबी हमला बोला।
महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि नगर निगम की ओर से शहर की खराब सड़कों, पेच रिपेयरिंग, सीवर, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार और संबंधित विभागों को लगातार पत्र भेजे गए हैं। उनका दावा है कि कई मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने 12 मई 2026 को अतिवृष्टि के बाद शहर में हुए जलभराव का हवाला देते हुए विशेष अनुदान की मांग किए जाने की बात भी कही।
महापौर ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में हुई बैठक का हवाला देते हुए कहा कि ग्वालियर की सड़कों, सीवर और दूसरे विकास कार्यों के लिए करीब 3 हजार करोड़ रुपए के प्रस्ताव भेजे गए थे। उनका कहना है कि इन प्रस्तावों को अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब विकास कार्यों के लिए नगर निगम की ओर से लगातार राशि की मांग की जा रही है तो महापौर पर काम रोकने के आरोप किस आधार पर लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने सांसद भारत सिंह कुशवाह से ग्वालियर के विकास के लिए केंद्र से लाई गई राशि का स्पष्ट ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। महापौर ने चुंगी क्षतिपूर्ति की पूरी राशि और उसमें वृद्धि, सड़कों के सुधार के लिए विशेष आर्थिक सहायता, कर्मचारियों के नियमितीकरण और वेतनमान समेत कई मांगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर पत्राचार के बावजूद नगर निगम को पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष होकर काम करने और किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आने की अपील की। यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अधिकारियों का रवैया नहीं बदला तो कांग्रेस उनके खिलाफ विरोध का कड़ा रास्ता अपनाएगी।
सुरेंद्र यादव ने महापौर के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने वाले भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को भी जनता के बीच अपने फैसलों और आरोपों का जवाब देना होगा। उन्होंने विरोध के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भाजपा नेताओं के खिलाफ भी कड़ा प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
ग्वालियर के विकास कार्यों और नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। भाजपा महापौर पर विकास कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस सरकार और सांसद से ग्वालियर के लिए प्रस्तावित व उपलब्ध कराई गई राशि का हिसाब मांग रही है। दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब विकास कार्यों और लंबित प्रस्तावों को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।