

Highlights:
मुरैना में पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर 20 से अधिक व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षकों ने प्रदर्शन किया।
दीपावली से पहले वेतन नहीं मिलने के कारण प्रशिक्षकों में नाराजगी।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे प्रशिक्षक।
लंबित वेतन, नियमित भुगतान और सवैतनिक अवकाश समेत चार मांगों का ज्ञापन सौंपा।
Morena Vocational Education Trainers Salary : मुरैना के सरकारी स्कूलों में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षकों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिलने पर शुक्रवार को उनका आक्रोश फूट पड़ा। दीपावली से पहले वेतन का भुगतान नहीं होने से नाराज 20 से अधिक प्रशिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे 20 से अधिक व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रशिक्षकों ने बताया कि वे सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पिछले पांच माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। लगातार देरी के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।
प्रशिक्षकों ने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों में त्योहार की खुशियां फीकी पड़ गई हैं। आर्थिक संकट के कारण बच्चों की जरूरतें पूरी करने और माता-पिता की मदद करने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने विभाग और संबंधित कंपनी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करने की मांग की।
मुरैना में धरना प्रदर्शन के बाद प्रशिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसमें पिछले पांच माह का पूरा लंबित वेतन तत्काल जारी करने, प्रत्येक महीने समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, सभी व्यावसायिक शिक्षा प्रशिक्षकों को हर महीने एक दिन का सवैतनिक अवकाश देने और वेतन भुगतान में देरी रोकने के लिए संबंधित कंपनी व विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग शामिल है।
प्रशिक्षकों ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हर महीने समय पर वेतन नहीं मिलने से घरेलू खर्च और पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि लंबित वेतन का जल्द भुगतान किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।