

Morena Flood News : मुरैना जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते क्वारी, सोन, आसन और कुरई नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। कई रपटों के ऊपर से पानी बहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का मुख्य मार्गों से संपर्क प्रभावित हुआ है। खेरली-पचोखरा मार्ग पर रपटे के ऊपर करीब चार फीट पानी का तेज बहाव है। इसके बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से रास्ता पार कर रहे हैं।
खेरली-पचोखरा मार्ग पर बाढ़ के पानी के बीच ग्रामीणों ने रपटे के दोनों किनारों पर रस्सी बांध रखी है। लोग भंडारा बनाने वाली बड़ी कड़ाई में बैठकर रस्सी के सहारे रपटा पार कर रहे हैं। कुछ ग्रामीण पानी में उतरकर कड़ाई को खींचते हुए लोगों को दूसरी तरफ पहुंचा रहे हैं। इसी दौरान एक मरीज को भी कड़ाई में बैठाकर बाढ़ के पानी के बीच रपटा पार कराया गया।
रपटे पर पानी आने के कारण पचोखरा, नरसिंहपुर, रामलालपुरा और भैरूसिंह का पुरा गांव मुख्य मार्ग से कट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बीच इस तरह आवागमन करना बेहद जोखिम भरा है। उनका कहना है कि जिले के कई रपटों पर पानी बह रहा है और लोग मजबूरी में इन्हें पार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ वाले रपटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।
उधर, जौरा क्षेत्र में सोन नदी की बाढ़ से भी हालात बिगड़ गए। सिकरौदा गोशाला के पास मालवा दुग्ध संघ के चिलर सेंटर में बाढ़ का पानी घुस गया। सेंटर के बाहर करीब चार से पांच फीट पानी भरने के कारण वहां काम कर रहे 11 कर्मचारी फंस गए। पास स्थित हनुमान मंदिर में पुजारी महावीर दास और भक्त करन सिकरवार भी पानी में फंस गए थे।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मुरैना से एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। एसडीईआरएफ ने बोट के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। चिलर सेंटर में फंसे 11 कर्मचारियों और हनुमान मंदिर में फंसे पुजारी व भक्त समेत कुल 13 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान एसडीएम जौरा शुभम शर्मा और एसडीओपी नितिन बघेल भी मौके पर मौजूद रहे।
रेस्क्यू के बाद बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे अन्य लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को निमास के हाईस्कूल परिसर में शिफ्ट कराया है। वहीं, बागचीनी रपटा पर बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन ने आवागमन बंद करा दिया है। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिसके चलते प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।