मुरैना जिला अस्पताल से भागने की कोशिश नाकाम, कैदी वार्ड का गेट तोड़कर फरार हुआ बंदी, डॉक्टर्स ने दबोचा
: मुरैना जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बंदी कैदी वार्ड का गेट तोड़कर भाग निकला। सुरक्षा गार्डों की सतर्कता से कुछ ही देर में पकड़ लिया गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
- Reported By: योगेश पाराशर | Edited By: प्रीतेश जैन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Morena District Hospital Prisoner Escape: मुरैना जिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब इलाज के लिए भर्ती एक बंदी कैदी वार्ड का गेट तोड़कर फरार हो गया। हालांकि अस्पताल के भीतर रास्ता भटक जाने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और सुरक्षा गार्डों की सतर्कता से कुछ ही देर में उसे पकड़ लिया गया और जेल प्रहरी व पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार लक्ष्मण गुर्जर को 19 जुलाई को जौरा रोड स्थित एक किराना व्यापारी पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। गुरुवार रात उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार होने के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था।
दूसरी बार भर्ती, फिर भागने की कोशिश
शुक्रवार रात बंदी ने मुंह से खून आने की शिकायत की, जिसके बाद उसे दोबारा जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। शनिवार सुबह उसने कैदी वार्ड का गेट तोड़ दिया और अस्पताल से भागने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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डॉक्टर और गार्डों की सतर्कता आई काम
अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश में बंदी एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक भटकता रहा। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर की नजर उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। डॉक्टर ने तुरंत सुरक्षा गार्डों को सूचना दी, जिसके बाद गार्डों ने घेराबंदी कर बंदी को दबोच लिया। कुछ ही देर में जेल प्रहरी और पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए और बंदी को दोबारा अपने कब्जे में लेकर कैदी वार्ड में पहुंचा दिया।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद जिला अस्पताल और जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। अस्पताल में भर्ती बंदियों की निगरानी को लेकर व्यवस्थाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि समय रहते बंदी के पकड़े जाने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। पुलिस और जेल प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि बंदी कैदी वार्ड का गेट तोड़कर कैसे बाहर निकलने में सफल हुआ और सुरक्षा में कहां चूक हुई।
