

Highlights:
दो दिन बाद ओंकारेश्वर का बाजार खुला।
सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों से प्रभावितों की मांगों पर सहमति बनी।
एक महीने में परिसंपत्तियों का सर्वे कराया जाएगा।
पुनर्वास के लिए ओंकारेश्वर या आसपास जमीन देने पर चर्चा हुई।
अगली बैठक में सर्वे के आधार पर राहत और पुनर्वास पर निर्णय होगा।
Omkareshwar Simhastha Rehabilitation Survey : सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों से प्रभावित स्थानीय नागरिकों की मांगों को लेकर दो दिन से चल रहा ओंकारेश्वर बंद मंगलवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद बाजार खुल गए। बैठक में एक महीने के भीतर प्रभावितों की परिसंपत्तियों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने पर सहमति बनी है। इसके आधार पर प्रभावितों को राहत देने और पुनर्वास को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मांधाता विधायक नारायण पटेल, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अपर कलेक्टर श्रद्धा शुक्ला, एसडीएम पंकज वर्मा, सीएमओ मोनिका पारधी और षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज सहित स्थानीय नागरिक शामिल हुए। बैठक दोपहर करीब 1 बजे शुरू होकर 2:30 बजे तक चली। कुछ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े।
बैठक के बाद मांधाता विधायक नारायण पटेल ने बताया कि एक महीने के भीतर सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों से सभी प्रभावितों की परिसंपत्तियों का सर्वे कराया जाएगा। इसमें स्थानीय नागरिकों, मकान मालिकों और वार्ड पार्षदों को शामिल किया जाएगा। सर्वे के दौरान प्रभावितों की स्थिति और उनकी परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि प्रभावित परिवारों को किस तरह का लाभ दिया जा सकता है।
बैठक में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ओंकारेश्वर या उसके आसपास जमीन उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी चर्चा हुई। षट्दर्शन संत मंडल के अध्यक्ष महंत मंगलदास त्यागी महाराज के अनुसार, नागरिकों की लगभग सभी मांगों पर सहमति बनी है। अब सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास और प्रभावितों को राहत देने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महंत मंगलदास त्यागी महाराज के लौटने के बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक नारायण पटेल और कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अगली बैठक ओंकारेश्वर में होगी। इसमें सर्वे के निष्कर्षों के आधार पर पुनर्वास सहित अन्य मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सर्वे और आगामी बैठक के बाद ही प्रभावित परिवारों को मिलने वाली राहत की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मांगों को लेकर ओंकारेश्वर के बाजार 2 दिन तक बंद रहने के बाद मंगलवार शाम 5 बजे खुल गए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में सहमति बनने के बाद नगर में फिर से गतिविधियां शुरू हो गईं। बाजार खुलने से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने राहत महसूस की है। हालांकि, प्रभावितों को वास्तविक लाभ और पुनर्वास का स्वरूप सर्वे रिपोर्ट तथा आगामी निर्णयों के बाद ही तय होगा।